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बाबा भुसरूंग, या तो निगम प्रशासन में दम नही या चल रही खुली मांडवाली, तभी तो वन टू का फोर नही 3 की अनुमति ले 6 मंजिला भवन तान दे रहे दमदार

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0 बलराम टाकीज – स्वीमिंग पुल मेन रोड पर 3 की अनुमति ले तान दिया 6 मंजिल

0 क्या इतना बेबस है निगम प्रशासन या चल फह नोटिस की झप्पी का खेल

मुख्यालय नगर पालिक निगम विकास भवन बिलासपुर छत्तीसगढ़

बिलासपुर ।*मैं इस दुनिया को अक्सर देखकर हैरान होता हूँ
न मुझसे बन सका छोटा सा घर, दिन रात रोता हूँ खुदाया तूने कैसे ये जहां सारा बना डाला । प्रख्यात गजल गायक की ये लाइनें दर्द है न्यायधनी के उन नौकरी पेशा और छोटे मोटे काम कर अपने जीवन भर की कमाई से अपना आशियाना बनाने का सपना देखने वालों का। जिनके मकान के नक्शे और नियमितीकरण के दस्तावेज को खुद नियम विरुद्ध तीन मंजिला भवन तानने वाले भवन शाखा अधिकारी ने पता नही क्यो रद्दी की टोकरी में डाल दी । वही नेहरू नगर मेनरोड पर निर्माणाधीन भवन मालिक ने 3 मंजिला भवन की अनुमति ले 6 मंजिल तक तान दिया। भवन शाखा अधिकारी है कि बेबसी जता अब इन्हें नोटिस जारी करने की बात कह रहे।

ताज्जुब की बात है कि उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री के न्यायधनी में ये खुला खेल चल रहा। दोनों के पास नगरीय प्रशासन का फोर्टफ़ोलियो है। उनके और जिम्मेदार अफसरों तक सोशल मीडिया के जरिये खबरे भी पहुँच रही पर न कोई कुछ बोल रहे न कुछ कर रहे।पता नही गरीबो के झोपड़ों पर सुबह 5 बजे बुलडोजर चलवाने वाले अफसर रसूखदारो के अवैध और बिना अनुमति निर्माण पर मौन साध ले रहे है।

बलराम टॉकीज- संजय तरण पुष्कर रोड पर निर्माणाधीन 6 मंजिला भवन


आप खुद देखिए ये बलराम टॉकीज- संजय तरण पुष्कर रोड के किनारे कैसे यह 6 मंजिला बिल्डिंग तन गया। आसपास के लोग खुलकर भले बोलने तैयार नही हुए पर बता रहे कि लगभग 15-20 दिन पहले छठवें मंजिल के एक हिस्से पर छत की ढलाई हुई है।
फिर वही सवाल उठ रहा कि जो खामियां नागरिकों को दिखाई दे रही मीडिया तक बाते पहुच रही वो निगम के जिम्मेदार अफसर क्यो नही देख पा रहे। आमलोगो को इतने चक्कर कटवाए जा रहे कि वो मकान का सपना तो दूर डर के मारे अपने मकान की नींव तक नही डलवा पा रहे कि कही बुलडोजर बाबा न हो जाये पर 3
का 6 मंजिल तानने वाले बेखौफ इस कदर बेखौफ है। आखिर इन्हें किसकी शह है। क्यो नियम को ख़िलाम चुनौती देने वाले ऐसे लोगो पर कार्रवाई नही की जाती।


या तो निगम प्रशासन आम लोगो को भी इसी तरह के निर्माण की छूट दे जिनसे चक्कर पर चक्कर कटवाए जा रहे है या फिर ऐसे खुली चुनौती देने और खुली मिली भगत करने वाले जिम्मेदार अफसरों और स्टाफ पर कार्रवाई हो क्योकि ये 6 मंजिला भवन एक दिन में तो खड़ा नही हुआ। फिर ये जिम्मेदार देख क्या रहे। फिर शहर को 8 जॉन में बांटकर व्यवस्था बनाने का दावा क्यो।


और भी है ऐसे कारनामे


इस तरह निगम प्रशासन को चुनौती देने वाला कहे या मिलीभगत कहे ये इकलौता ऐसा मामला नही है। शहर के सदर बाजार तेलीपारा तोरवा देवरीखुर्द समेत विभिन्न इलाकों में ऐसे कई और निर्माण है जिसकी जानकारी सामने आई है। कुछ मकान तो भवन शाखा अधिकारी के तीन मंजिला भवन की तरह है जो बनने से पहले ही नियमित कर दिए गए।

मंगला चौक के पास गौरवपथ और उसलापुर बाईपास रोड के कॉर्नर पर निगम के भवन शाखा अधिकारी का चर्चित भवन

क्या ऐसी मोनिटरिंग हो रही


एक सवाल यह भी उठ रहा कि क्या निगम प्रशासन के पास ऐसे अवैध और अनुमति विरुद्ध निर्माण पर लगाम लगाने मोनिटरिंग की कोई व्यवस्था नही है और यदि है तो ऐसा हो कैसे रहा और ऐसे लोगो पर क्या कार्रवाई की जाएगी ये बड़ा सवाल है।

और भवन शाखा अधिकारी कह रहे


निगम के भवन शाखा अधिकारी ने बताया कि निगम के पूर्व एसी के निवास के सामने नेहरू नगर मेनरोड का यह निर्माणाधीन भवन डॉ राजेश सिंह गौतम का है । उन्हें 3 मंजिला निर्माण की अनुमति प्रदान की गई थी। उनके द्वारा 6 मंजिल का निर्माण करा लिया गया इसलिए उन्हें अनुमति विरुद्ध निर्माण कराने नोटिस जारी किया गया है।

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