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खोरी घर गाय नई बाय होगे अरपापार चाँटीडीह का नवनिर्मित सब्जी मंडी का वेंडिंग जोन भी फलमंडी की तरह पड़ा लफन्दर में, चबूतरे 160 कारोबारी 200 ऊपर कैसे होगा आबंटन…

0  वेंडिंग ज़ोन के प्रवेश द्वार पर स्वागत होगा कीचड़ से सराबोर गन्दगी से

0  कारोबारी कह रहे मार्किंग की गई जगह छोटी नई चलेगा काम

0 सब्जी रखने और बैठने के लिए कम से कम 8 बाई 8 की जगह तो चाहिए

बिलासपुर/अरपापार चाँटीडीह का नवनिर्मित सब्जी मंडी का हाल खोरी घर गाय नही बाय होंगे टाइप का हो गया। लफन्दर ही लफन्दर है बताया जा रहा कि निगम के एक पार्षद ने अपनी लिस्ट टिका दी कि इनको मिलना चाहिए। कोई पुरानी रसीद लेकर आ रहां कि पूर्व कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह के कार्यकाल के दौरान जब शिफ्टिंग हुई उन्होंने पैसा पटाया था, तो कोई चबूतरे के मार्किंग को छोटा बता बड़ी जगह मांग रहे… फल मंडी जैसा हाल है कारोबारी 200 के करीब है और 160 चबूतरे की मार्किंग की गई है वो भी छोटा बताया जा रहा।

पूरा परिसर अवैध मैखाने में तब्दील है,,, पौव्वा, बियर के बॉटल और डिस्पोजल के चिथड़े नजर आ रहे है, मवेशियों और भाटापारा के मजदूरों का डेरा भी यही है…!
उम्मीद थी कि नया चबूतरा और परिसर के आबाद होने के बाद सामने को गन्दगी और बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था से निजात मिलेगी, पर न परिसर आबाद हुआ न गन्दगी के ढेर से निजात मिली और न सड़क चौड़ी और व्यवस्थित हुई।
नवनिर्माण के बाद भी चांडीडीह बम्हर से लगा न्यू सब्जी मार्केट में भाजी भाँटा की जगह सन्नाटा पसरा है। सब्जी विक्रेताओं के लिए बनाए गया चबूतरे अघोषित चखना सेंटर में तब्दील हो गए है, पूरे परिसर में शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है पैग बन रहे जाम टकराये जा रहे और मवेशियों का डेरा भी लगा है।

ये हाल है गन्दगी का

पुराने और नए मार्केट के बीच की कीचड़ से सराबोर हिस्सा गन्दगी और डिस्पोजल के चीथड़ों के ढेर से अटा पड़ा है जो स्वछत्ता सर्वेक्षण के दावे को अंगूठा दिखा रहा है।

सब है जुगाड़ में

50 दुकानो और 160 चबूतरे वाले इस नए परिसर को दीवार और उसके ऊपर लोहे की जाली से घेरा गया है। नशेड़ियों की नजर अब यहां घेरे गए जाली और खम्भो पर है, उन लोगो ने यहां काम भी शुरू कर दिया है।

चबूतरा भी छोटा

चाँटीडीह सब्जी विक्रेता संघ के कोषाध्यक्ष आकाश कछवाहा ने बताया कि चाँटीडीह सब्जी मार्केट में
180 – 200 सब्जी कारोबारी है जिनके लिए 160 चबूतरे चिन्हांकित किये गए है, उनका कहना है कि उनके लिए 4 बाई 6 मार्किंग किया गया है जो छोटा है, उनका कहना है कि नए वेंडर जोन में कम से कम 8 बाई 8 की जगह दी जाय।

बिजलीं की व्यवस्था न पानी की

संघ के कोषाध्यक्ष आकाश ने कहा कि निगम प्रशासन ने वेंडर जॉन तो बनवा दिया लेकिन वहां न तो बिजलीं की व्यवस्था बनाई न पानी की। पूरा परिसर शाम होते ही अंधकारमय हो जाता है। यहां बिजलीं पानी की व्यवस्था की जानी चाहिए।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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