
बिलासपुर,,, छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े इन दिनों विपक्ष के निशाने पर हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित की गई साड़ियों की गुणवत्ता और लंबाई में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आज बिलासपुर के गांधी चौक पर महिला कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्र हुईं महिला कार्यकर्ताओं ने मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश की महिलाओं और बुनकरों को दरकिनार कर कमीशनखोरी के चक्कर में घटिया साड़ियां बांटी गई हैं… .
बिलासपुर का गांधी चौक आज सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया, जहाँ महिला कांग्रेस ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही प्रदेश महासचिव शिल्पी तिवारी ने कहा कि यह केवल कपड़ों का नहीं, बल्कि महिलाओं की अस्मिता का सवाल है। आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी गई साड़ियाँ मानक लंबाई से काफी कम हैं।
जहाँ सावन की साड़ी साढ़े पांच मीटर की होनी चाहिए, वहाँ महज़ पांच मीटर या उससे भी कम की साड़ियाँ बांटी गई हैं। कांग्रेस नेताओं ने तीखा सवाल उठाया कि जब छत्तीसगढ़ में बेहतरीन बुनकर मौजूद हैं, तो सूरत से साड़ियाँ मंगाने की क्या ज़रूरत थी? उनका दावा है कि जिस साड़ी की कीमत सरकारी फाइलों में 500 रुपये बताई जा रही है, उसकी असल बाज़ार कीमत महज़ 50 रुपये है। मंत्री के उस बयान पर भी पलटवार किया गया जिसमें उन्होंने साड़ी की गुणवत्ता को सही बताया था; कार्यकर्ताओं का कहना है कि धोने के बाद साड़ी और सिकुड़ रही है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का प्रमाण है।
शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पिंकी निर्मल बत्रा और अन्य वरिष्ठ नेत्रियों ने इस पूरे मामले को ‘कमीशनखोरी का खेल’ करार दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक महिला मंत्री होकर दूसरी महिलाओं की जरूरतों और उनके सम्मान के साथ इस तरह का खिलवाड़ करना घोर निंदनीय है। कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि केंद्र से लेकर राज्य तक भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। केवल पुतला दहन ही नहीं, बल्कि अब महिला कांग्रेस इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के इस्तीफे की मांग पर अड़ गई है। स्वर्णा शुक्ला सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस घोटाले पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो नारी शक्ति पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ेगी। भाजपा सरकार के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन ने आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है….
