
0 उठ रहे सवाल क्या शासन प्रशासन के पास नही इस समस्या का हल
0 है तो फिर हिम्मत कैसे इतनी हिम्मत,उठाये जाएंगे ठोस कदम या…
बिलासपुर/ मुंगेली। छत्तीसगढ़ में रेत चोरों का हौसला इतना बुलद हो गया कि रेत चोरी रोकने पहुँचे वन अमले पर उनके गुर्गों ने जानलेवा हमला कर दिया, इतना ही नही गुर्गों के हमले से चार वनकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर लिया है, पर सबको पता है होगा क्या… सवाल यह उठ रहा है कि क्या अब शासन प्रशासन खनिज संपदा की खुली डकैती पर विराम लगा उचिय प्रबंधन के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी या अब नई सइबो,,, बदल के रिइबो की तर्ज पर कुछ नही बदलेगा।
मामला मुंगेली जिले के लोरमी वन परिक्षेत्र खुड़िया झरिया भुकूनाला गांव का है। भुकूनाला में रेत चोरी की शिकायत मिल रही शिकायत पर वन विभाग की टीम पहुंची तो ट्रैक्टर में रेत परिवहन किया जा रहा था। वन कर्मियों ने जैसे ही ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की तो सफेदपोश रेत चोरों के गुर्गों ने वन अमले पर हमला किया और बेख़ौफ़ ट्रैक्टर लेकर फर्राटे भरते दबंग की तरह निकल गए इस हमले में परिसर रक्षित अभिषेक बर्मन, योगेश बरेठ, देवेंद्र बघेल सहित चार वन रक्षक घायल हुए हैं। वन विभाग ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराया है।
क्या होगा उचित प्रबंधन, घटेंगे बालू के रेट
खनिज संसाधन की खुली डकैती का पूरा खेल चलता कैसे है किसका कितना हिस्सा है ये किसी से छिपा नही है। हाल ही में जांजगीर की एक महिला नेत्री के ऑडियो से तो सब जगजाहिर हो चुका है,,, और सबको ये भी पता है कि इन सबसे कुछ हो न हो रेत के दाम तो और बढ़ेंगे ही,,, आवश्यकता इस बात की है कि इसके उचित प्रबंधन के लिए ठोस नीति बनाकर अपने घर का सपना देखने वालों को राहत देने ठोस पहल किया जाए… ताकि जनसामान्य को रियायती दर पर रेत और अंचलवासियो को इस तरह के वारदातों से निजात मिल सके।
