नोबल हॉस्पिटल में कंधे की हड्डी के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत से मचा बवाल, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगा की एफआईआर की मांग… तनाव बढ़ने पर किया गया पुलिस बल तैनात…

बिलासपुर/ न्यायधानी के नोबल अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रविवार को जमकर आक्रोश जताते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को शांत करा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल अजय ताम्रकार को उपचार के लिए जरहाभाठा के नोबल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती के समय उपचार के नाम पर राशि जमा करा ली, और कहा कि छोटा सा ऑपरेशन है, लेकिन दो दिन तक मरीज का ऑपरेशन ही नहीं किया।उनका कहना है कि समय पर ऑपरेशन नहीं किया गया, जब हालत बिगड़ी तब उन्हें ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया। आरोप है कि 7 घण्टे बाद उन्हें ऑपरेशन थियेटर से निकाला गया पर उन्हें होश ही नही आया उनकी मौत हो गई। इस बात का पता चलते ही आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। तनाव को बढ़ता देख मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस ने मृतक के परिजनों और अस्पताल प्रबंधन का बयान लेकर मामले की जांच कर कार्रवाई करने आश्वस्त किया।
मृतक के परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें मरीज की गंभीर स्थिति की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उनका कहना है कि अजय ताम्रकार को केवल गले के नीचे की हड्डी में चोट लगी थी, वे नार्मल थे खुद पैदल चलकर वार्ड तक गए, परिजनों का यह भी आरोप है कि जिस डॉक्टर ने ऑपरेशन किया, उसका नाम और हस्ताक्षर अस्पताल के दस्तावेजों में दर्ज नहीं हैं, अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं।
इमरजेंसी में महंगी दवाई का ज्यादा पैसा लगेगा
मृतक के पिता का कहना है कि रात में चिकित्सा स्टाफ ने उनसे कहा कि रात में मेडिकल बन्द हो जाएगा, महंगी दवाइयां लगेंगी इमरजेंसी में रात को मेडिकल खुलवाने पर पैसा ज्यादा लगेगा।

लाइट बन्द इसलिए दूसरे दिन 18 को किया ऑपरेशन
अस्पताल प्रबंधन की ओर से सर्जन डॉक्टर का कहना है कि मरीज को राइट साइड में कलेविकल का फ्रेक्चर था, 3-4 जगह से हड्डी टूटी थी,


