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विधानसभा में छाया रहा चर्चित अरपा भैसाझार मुआवजा घोटाले और सड़क हादसों में मौत का मामला…

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0 राजस्व मंत्री ने दिया जवाब कहा राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में कार्यवाही प्रक्रियाधीन

0 परिवहन मंत्री केदार कश्यप नही दे पाए जवाब कहा जानकारी लेकर उपलब्ध करा देंगे

0 बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और सुनील सोनी ने दागे सवाल

बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान चर्चित अरपा भैसाझार के भूमि अधिग्रहण मुआवजा कांड और सड़क हादसों में हो रही मौतों का मामला छाया रहा।
बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक ने सदन में अरपा भैसाझार के भूअर्जन घोटाले पर सवाल उठाया कि इस घोटाले मेंकलेक्टर की जांच में दोषी पाए गए दो तत्कालीन कोटा एसडीएम आनंदरुप तिवारी वकीर्तिमान सिंह राठौर,नायब तहसीलदार मोहरसाय सिदार,आरआई राहुल सिंह व पटवारी दिलशाद अहमद और सकरी पटवारी मुकेश साहू औरसिंचाई विभाग केतत्कालीन ईई कोटा आरएस नायडू, ईई कोटा एके तिवारी।तत्कालीन एसडीओ कोटा राजेंद्र प्रसाद मिश्रा।तत्कालीन एसडीओ तखतपुर आरपी द्विवेदी और सब इंजीनियर तखतपुर आरके राजपूत के खिलाफ अभी तक क्या – क्या कार्रवाई की गई क्या मामले को जांच के लिए ईओ डब्ल्यू को सौंपा गया है।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने उनके सवालों का जवाब देते हुए सदन को बताया कि गत 14 जुलाई 2025 के उत्तर में अरपा भैंसाझार परियोजना के मुआवजा भुगतान में अनियमितता पाई गई है।राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

ये है मामला

अरपा-भैंसाझार नहर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में इन अफसरो की सह पर
पटवारी मुकेश साहू द्वारा नहर के एलाइमेंट को कागजों में बदल नहर को 200 मीटर आगे खिसकाने और व्यवसायी
मनोज अग्रवाल पिता पवन अग्रवाल की जमीन पर नहर निकालना दर्शाया गया जबकि जमीन नहर से तकरीबन 200 मीटर दूर बताई जा रही।आरोप है कि मनोज अग्रवाल के स्वामित्व वाली खसरा नंबर 1/4, 1/6 की जमीन में से 29 डिसमिल जमीन का अधिग्रहण कर 3 करोड़ 42 लाख रुपए का मुआवजा प्रकरण बना भुगतान करने और जमीन की कीमत बढ़ाने बंजर जमीन को दोफसली बता कागज में वहां झोपडी दिखाने की बात सामने आई थी।

आज तक भटक रहे किसान, व्यापारी हो गया मालामाल

आरोप है कि राजस्व और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने एक व्यापारी से मिलकर पूरा खेल किया। जिन किसानों की जमीन नहर निर्माण की जद में आई वे किसान आज तक मुआवजे के लिए भटक रहे। आरोप है कि इन अफसरो ने खुद को और व्यापारी को
फायदा पहुंचाने के लिए कागजों में पूरा खेल कर सरकारी खजाने को चूना लगा दिया।

बढ़ गई लागत, नहर अधूरा, ट्रिपल इंजन की सरकार को डबल झटका

भू- अभिलेख में अवैधानिक सुधार किये जाने के कारण ट्रिपल इंजन की सरकार को डबल झटका दिया गया, इससे जहां करोड़ो का फर्जी मुआवजा देना पड़ा वही 606 करोड़ की परियोजना की लागत बढ़कर 1141.90 करोड़ हो गई।
वही 370.55 किलोमीटर नहर निर्माण होना था वह 229.46 किलोमीटर ही बन पाया।


भाजपा विधायक सुनील सोनी ने उठाया बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का मामला, मंत्री केदार कश्यप ने कहा जानकारी लेके उपलब्ध करायेगे

प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सुनील सोनी ने बढ़ती सड़क हादसों को लेकर सवाल दागा कि बीते 1 वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कितनी मौतें हुई है? रोकथाम के लिए क्या मास्टर प्लान है? परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि बीते साल में 6898 मौतें हुई हैं. सड़क दुर्घटनाओं को रोकने सतत प्रयास किये जा रहे, वही राजधानी की यातायात व्यवस्थाऔर सिटी बसो के सवाल पर परिवहन मंत्री केदार कश्यप को कहना पड़ा कि अभी इसकी जानकारी नही है लेकर उपलब्ध करा पाएंगे।

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