ओडिसा के गांजे से बिलासपुर झमाझम, फिर 13 किलो गांजे के साथ पकड़े गए जयरामनगर रेलवे फाटक के पास से महिला समेत 4 तस्कर… नही रुक रहा तस्करों के सिंडिकेट का खेल…?

0 महिलाओ के बाद अब बच्चों के भी नशे के धंधे में उतरने का अंदेशा

0 दो नाबालिगों की संलिप्तता की बात भी आ रही सामने
बिलासपुर। गांजे की तस्करी के सिंडिकेट की धमक थमने का नाम नही ले रही, एसीसीयू और मस्तूरी पुलिस की टीम ने फिर एक महिला और पुरुष समेत 4 आरोपियो को पकड़कर उनसे 13 किलो गांजा और एक मोबाइल जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक 13 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली कि जयरामनगर रेलवे फाटक के ओवरब्रिज के नीचे
तीन पुरुष और एक महिला
पिट्ठू बैग व झोला लिए
ऑटो या बस का इंतजार कर रहे, सन्देह है कि ये तस्कर है, सूचना पर जब पुलिस ने मौके पर पहुँच निगरानी और घेराबंदी की तो पिट्ठू बैग और झोला लिए तीन पुरुष और एक महिला दिखे जिन्हें पकड़कर उनके बैग और झोले की तलाशी ली गई तो पिट्ठू बैग और झोले में रखे
गांजे समेत पकड़े गए, कार्रवाई के दौरान तौल कराई तो गांजा 13 किलोग्राम निकलां। बताया जा रहा कि ये तस्कर गांजे को बेचने सीपत क्षेत्र के ग्राम मटियारी जाने के लिए ऑटो या बस का इंतजार कर रहे थे जो पकड़े गए।
ये है गिरफ्तार आरोपी
तस्करी के आरोप में पकड़े गए आरोपियो में आकाश सिसोदिया (21), उसकी पत्नी पूर्वा मालिया (20), कृष्णा पाण्डेय (23), सभी निवासी ग्राम मटियारी, थाना सीपत, तथा नीरज नायक (19), निवासी उमरिया मध्यप्रदेश के शामिल है, इज़के अलावा और दो नाबालिगों के संलिप्तता भी की बात कही जा रही।
छत्तीसगढ़ बोले तो गांजा कॉरिडोर
पकड़े गए आरोपियो ने पूछताछ में ओडिशा के बलांगीर जिले से सस्ते दाम पर गांजा खरीदकर यहां महंगे दाम पर ग्राम मटियारी बेचने के लिए लाना बताया। पिछले कई सालों से छत्तीसगढ़ का बिलासपुर जोन और जिले के आसपास का इलाका गांजा तस्करों का सुरक्षित कॉरिडोर बनकर रह गया है, इस बार पकड़े गए गांजे के खेप की कीमत करीब 6 लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही।
नेताओँ पुलिसवालों की संलिप्तता भी आ चुकी सामने
गांजे का ये सिंडिकेट कैसे चल रहा पब्लिक भी समझ रही, तस्करी के मामले में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता की कहानी पहले तो आम थी, पिछले दिनों साक्षात भी हो गई। पुलिस वाले गांजे के कारोबार को प्रश्रय देने के मामले में पकड़े गए थे। हाल ही में एक नेता के संलिप्तता की खबर भी आ चुकी है।



