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सिस्टम कमजोर या गांधी छाप नोटों का जोर, शहर से लेकर गांव- गांव तक अवैध खनन का शोर, अब कोटा क्षेत्र के रतखंडी घाट से आई अवैध रेत खनन करते ट्रैक्टरों के रेले की तस्वीरें…

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0 पब्लिक, सरकार सब को भोंदू बना रहे जिम्मेदार, शासन को रोज लाखो का चूना

0 5-5 विभाग जवाबदार फिर क्यो नही रूक रही खनिज के अवैध उत्खनन और परिवहन की बयार

बिलासपुर / जिले में चोर से कहो चोरी करो और साहूकार से जागते रहो की तर्ज पर रेत का अवैध खनन जारी है। सरकार की खनिज संपदा पर हो रही खुली डकैती को रोकने खनिज के साथ राजस्व, सम्बंधित थानों की पुलिस, ट्रेफिक पुलिस और आरटीओ जैसे 5-5 सरकारी विभाग है, फिर भी ये हाल है, रेत माफियाओ के सिंडिकेट और जिम्मेदारों का गठजोड़ इतना मजबूत है कि जब भी मीडिया में खबरें आती है, शगुन के तौर पर गाड़ियां पकड़कर बकायदा जनसम्पर्क के जरिये खबरें भिजवाई जाती है, तभी तोर कोटा क्षेत्र के रतखंडी रेत घाट और शहर के अवैध घाटों से लगातार तस्वीरे आने के बाद भी सब खामोश है।

सीजीडीएनए ने लगातार मंगला पाटबाबा, लोखडी घाट की तस्वीरें दिखाई कि कैसे दर्जन भर ट्रैक्टर को पानी के अंदर खड़ी कर रेत की अवैध ढंग से निकासी और परिवहन की जा रही है, कैसे सेंदरी नेशनल हाइवे के किनारे स्वामी आत्मानन्द स्कूल के सामने तालाब को पोकलेन से खुदवाकर दिन- रात हाइवा से मिट्टी का परिवहन किया जा रहा।
अब ये ताजा तस्वीरे कोटा क्षेत्र के ग्राम रतखंडी रेत घाट की है, आप खुद देखिये कैसे बिना किसी डर खौफ के रेत माफिया खुलेआम रेत चोरी कर रहे है, और कैसे जिम्मेदार
सख्ती और कार्रवाई के दावे की भोंपू बजा रहे है।
मीडिया के कैमरे में कैद इन तस्वीरों में ट्रैक्टरों का रैला बता रहा कि कैसे मिली भगत से खनिज संसाधनों की खुली डकैती कर सरकार को रोजाना लाखो- करोड़ो की चपत लगाई जा रही है।

कैसे रेत माफिया जेसीबी से नदी का सीना चीर ट्रैक्टर-ट्रॉली और हाइवा से बिना किसी रोक-टोक के रेत ढो रहे हैं।
रेत माफियाओं और जिम्मेदारों के इस खुले खेल से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब आए दिन मीडिया में खबरे आ रही सबको दिखाई दे रहा तो जिम्मेदारों को ये सब दिखाई क्यो नही दे रहा।
सवाल यह उठ रहा क्या सिस्टम इतना कमजोर है या फिर गांधी छाप नोटों का जोर है।

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