
बिलासपुर,,,, सातों दिन 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा का दावा करने वाले निजी अस्पतालों का ये हाल है! मामला सरकंडा मुक्तिधाम चांटीडीह रोड के मार्क हॉस्पिटल का है! जहां शनिवार 23 मई को अस्पताल के आईसीयू में 2 दिन से भर्ती मरीज के बिस्तर के ऊपर से गिरने से एक मरीज घायल होने की खबर के बाद अस्पताल में जमकर हंगामा मचा रहा…

मरीज के बेटे बालकृष्ण डिक्सेना ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया… कि उनके पिता लक्ष्मी प्रसाद डिक्सेना ने बताया वह मुनगाडीह पाली का रहने वाला है! 3 दिन पहले उसने डायलिसिस के लिए अपने पिता लक्ष्मी प्रसाद डिक्सेना को यहाँ भर्ती कराया उसके पिता आईसीयू में भर्ती है! जिन्हें सिर और पेट में चोट आई है! सुबह सूचना मिलने पर जब वे हॉस्पिटल पहुंचे तो उन्हें बताया गया… कि उनके पिता लक्ष्मी प्रसाद सुबह करीब 8 बजे बेड से उठे और सामने रखे ऑक्सीजन सिलेंडर से गिर गये… जिससे उनके सिर और पेट में चोट आई है! बालकृष्ण ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने न सिर्फ इस घटना को छिपाने का प्रयास किया…

और देर से जानकारी दी… बल्कि अस्पताल में प्रबंधक ने यह कहकर उन्हें शांत रखने कहा… कि आप कुछ मत कीजिए… उनका उपचार और जो करना है! वो करेंगे… लास्ट में बैठ लेंगे… तब आगे देखेंगे…
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पताल के 24 घंटा सातों दिन के आपात चिकित्सा के दावे की कलई खोल कर रख दी है!
इस मामले में CGDNA की टिम ने CMHO डॉक्टर शुभा गरेवाल से भी चर्चा की उनका कहना है! कि आपके माध्यम से मार्क हॉस्पिटल घटना और हंगामे की जानकारी मिली है! दिखवा लेते है!
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CGDNA की टिम ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधक से चर्चा कर ये जानने का प्रयास किया… कि घटना हुई कैसे… और घायल मरीज की कंडीशन क्या है! वे घटना के बारे में क्या कहना चाहते है! पर अस्पताल के प्रबंधक कुस्तुक मुखर्जी ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया….
