

बिलासपुर। बिलासपुर सरकण्डा के मार्क हॉस्पिटल को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स ने DNB (Diplomate of National Board) यूरोलॉजी कोर्स संचालन की मान्यता प्रदान की है। एम्स रायपुर के बाद यह छत्तीसगढ़ का पहला एवं मध्यभारत का तीसरा अस्पताल है जिसे यह मान्यता मिली है। इस उपलब्धि को हॉस्पिटल के डायरेक्टर वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. कमलेश मौर्य ने मीडिया के समक्ष शेयर किया। उन्होंने बताया कि DNB यूरोलॉजी कोर्स 3 साल का होता है जिसे पोस्ट ग्रेजुएशन (एमएस) करने के बाद किया जा सकता है। इस कोर्स के माध्यम से स्टूडेंट्स को यूरोलॉजी विशेषज्ञ होने का दर्जा प्राप्त होगा साथ ही भविष्य के डॉक्टर्स भी तैयार करेंगे। डॉ. मौर्य ने कहा कि अब भावी डॉक्टरो को सुपर स्पेशलिटी की पढ़ाई के लिए महानगरों में भटकना नहीं पड़ेगा। DNB (Urology) जैसे कठिन और उच्च स्तर के कोर्स को अब बिलासपुर में ही किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यहां स्टेट-ऑफ-दी-आर्ट ऑपरेशन थिएटर्स की सुविधा उपलब्ध है जिसमें विभिन्न तकनीकों जैसे लेजर, हॉल्मियम लेजर आदि के द्वारा मिनिमल इनवेसिव सर्जरी यानी छोटे चीरे या बिना चीरे के ऑपरेशन संभव है। डॉ मौर्य ने बताया कि यहां पर यूरोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के द्वारा 1 साल का पोस्ट ग्रेजुएशन (Mch) प्रोग्राम कर चुके छात्रों के लिए फ़ेलोशिप करने की मान्यता भी दी गयी है। मार्क हॉस्पिटल में ऑर्गन ट्रांसप्लांट सोसाइटी के द्वारा किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति भी दी गयी है जिससे भविष्य में यहां किडनी ट्रांसप्लांट भी हो सकेगा, जो बिलासपुर एवं छत्तीसगढ़ के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण बात होगी। यहां पर डायलिसिस का भी बड़ा सेटर है जो किडनी रोगियों के लिए वरदान साबित होगा। मार्क हॉस्पिटल ना सिर्फ चिकित्सा के क्षेत्र में बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सदा आगे रहा है. यहां पहले भी एनेस्थीसिया विभाग में DNB की मान्यता दी जा चुकी है और जिसमें कई छात्र अध्ययनररत हैं। इसके अलावा यहां नर्सिंग कॉलेज की भी स्थापना हुई है जिसमें 50 सीटें उपलब्ध हैं।




