

बिलासपुर। जलियावाला बाग कांड की 106 वी बरसी पर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी ने रविवार 13 अप्रैल को कांग्रेस भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर शहीदों को नमन कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
इस अवसर पर शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जलियावाला बाग की घटना अंग्रेजो की नफरत और बर्बरता का उदाहरण है।
भारतमाता के सन्तान प्रथम विश्व युद्ध के बाद अंग्रेजो के उस रोलेट एक्ट का विरोध करने एकजुट हुए , जिसमे जनता के सारे अधिकारों को खत्म करने और उन पर अत्याचार की छूट दी गई थी। 106 साल पूर्व आज के ही दिन 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी पर्व पर पंजाब के अमृतसर के स्वर्णमंदिर के करीब जलिया बाग में आमसभा का आयोजन किया गया था तभी कायर जनरल डायर ने निहत्थे लोगो पर गोली चलवा दिया जिसमें 500 से अधिक लोग मारे गए 2000 से अधिक घायल हुए ,जिसकी विश्व स्तर पर निंदा की गई और सतपाल मलिक और सैफुद्दीन किचलू को काला पानी की सजा हुई पर उन्होंने अंग्रेजो से माफी नही मांगी ।
संयोजक ज़फ़र अली,हरीश तिवारी , डॉ काली चरण यादव ने कहा कि जलियावाला बाग की घटना ,1857 के विद्रोह के बाद बड़ी घटना थी, गांधीजी का आगमन हो चुका था और सेनानी आमने सामने लड़ने की स्थिति में पहुंच गए ,कहीं न कहीं आज़ादी की पृष्ठ भूमि तैयार हो गई थी,घटना को सही ठहराने वाले जनरल ओ डायर को उधम सिंह ने इंग्लैंड जाकर हत्या कर दी, रबिन्द्र नाथ टैगोर ने अंग्रेजो की उपाधि ” नाईट हुड ” को वापस कर दिया,इस घटना का महारानी एलिजाबेथ और पूर्व प्रधानमंत्री केमरॉन ने घटना स्थल पहुंच कर श्रद्धांजलि दी और घटना को गलत बताया।
इतिहास की नृशंस हत्याओ में से एक है।
कार्यक्रम में शहर अध्यक्ष विजय पांडेय,संयोजक ज़फ़र अली,हरीश तिवारी, डॉ कालीचरण यादव ,माधव ओत्तालवार, त्रिभुवन कश्यप,जितेंद्र पांडेय,विनोद शर्मा,विनोद साहू, मनोज शर्मा,स्वर्णा शुक्ला,अन्नपूर्णा ध्रुव,उतरा सक्सेना, गणेश रजक,सत्येंद्र तिवारी,गौरव एरी,राज कुमार यादव,चन्द्र हास केशरवानी,अयूब खान,मनोज शुक्ला,राजेश शर्मा,करम गोरख,सुरेंद्र तिवारी,वीरेंद्र सारथी,राजीव साहू,राकेश बंजारे और शहर प्रवक्ता ऋषि पाण्डेय और अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।




