
बिलासपुर,,, पुरानी कहावत है कि फर्क तो पड़ता है भई, बिलासपुरवासी इस कहावत को सच होते देख भी रहे है! जरूरत इस बात की है! कि इसे बरकरार रखा जाए… सच कहा है किसी ने करने से होता है…जिला पुलिस बल बिलासपुर के ड्रोन से अपराध पर नियंत्रण की दिशा में काम हो रहा, नशेड़ी बदमाशो के जमावड़े पर खलल पड़ गई है, नशाखोरों और आपराधिक तत्व फोटो खिंच जाने के डर से तीतर- बितर है हो हुड़दंग अड्डेबाजी सब नियंत्रित हो रहा !
गौरतलब है, कि हाल ही में जुना बिलासपुर- चांटीडीह बैराज के ऊपर एक युवक की हत्या कर दी गई थी! इसके बाद से पुलिस बेहद सक्रिय दिखी… ये ड्रोन वाला फार्मूला भी इसी का नतीजा है! जब से पुलिस ने ड्रोन से निगरानी के लिए शहर में ड्रोन फिराया है, वीराने और बियाबानी के शौकीनों का हलवा टाइट हो गया, सब तीतर बितर हैं,
आप खुद देखिये कैसे सिटी कोतवाली क्षेत्र में ड्रोन उड़ाकर निगरानी की जा रही…
सही समय उचित कदम
पुलिस के समक्ष पहले भी होली पर कानून व्यवस्था बनाने की चुनौती थी और अब भी है, लेकिन अब उससे भी बड़ी चुनौती वो सरकारी फरमान है, जिसने पुलिस प्रशासन की टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल सरकार ने जो 3 शुष्क दिवस को हटाया है उसमें से एक होली भी है, यानि जो शराब दुकाने होली के दिन बन्द रहती थी, वो शुष्क दिवस की कटौती के कारण होली के दिन भी खुली रहेगी। यदि पुलिस का ड्रोन और अमले की कदमताल इसी तरह चलती रही तो यह होलिकोत्सव के दौरान माहौल को कंट्रोल करने में सहायक होगी। पुलिस प्रशासन लगातार इसके लिए पहल कर रहा, आसमान में ड्रोन उड़ते रहे और इधर कोतवाल भी अमले के साथ पचरीघाट पहुच गई। नदी तक सर्च किया।
