राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने देशभर में महासंकल्प: भरत महाराज बोले—40 करोड़ हस्ताक्षर, दिल्ली कूच और चरणबद्ध जन आंदोलन से केंद्र सरकार पर बनेगा निर्णायक दबाव, गौहत्या पर केंद्रीय कानून हमारी प्रमुख मांग….

बिलासपुर,,,, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गौहत्या पर रोक के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग को लेकर देशभर में छह चरणों का व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा… अभियान के तहत प्रार्थना पत्र, हस्ताक्षर अभियान, जनसंपर्क, दिल्ली में चरणबद्ध कार्यक्रम और उपवास सहित विभिन्न माध्यमों से केंद्र सरकार तक मांग पहुंचाई जाएगी…


अभियान से जुड़े भरत महाराज ने कहा कि गौहत्या बंद कराने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है! जब देश की जनता एकजुट होकर अपनी मांग सरकार के सामने रखेगी… तभी इस दिशा में निर्णायक परिणाम सामने आएगा…

भरत महाराज ने कहा कि गौहत्या पर प्रतिबंध की मांग कोई नई नहीं है! आजादी के समय से ही यह मुद्दा उठता रहा है! 1947 में महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी गौहत्या पर रोक के लिए कानून की आवश्यकता पर जोर दिया था…. इसके बाद 1964 और 1966 में साधु-संतों के नेतृत्व में बड़े आंदोलन हुए… 1966 में करपात्री जी महाराज के नेतृत्व में हुए आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई साधु-संतों की मौत हुई…. इसके बाद आंदोलन कमजोर पड़ गया…. 2016 में भी इस मुद्दे को दोबारा उठाया गया… लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली….

उन्होंने कहा कि अब संत समाज ने आंदोलन के बजाय प्रार्थना और जनजागरण को अभियान का आधार बनाया है! इसके लिए पूरे देश को जागरूक किया जाएगा…. और समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ा जाएगा…. उन्होंने कहा कि सरकार को अकेले जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है! यदि समाज अपनी मांग को देशव्यापी और संगठित तरीके से सरकार तक नहीं पहुंचाएगा तो सरकार पर प्रभावी दबाव कैसे बनेगा….
सभी धर्मों को जोड़ने का दावा…
भरत महाराज ने कहा कि गौमाता किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं हैं! अभियान में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित सभी समुदायों के लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है! उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम समाज के लोगों और धर्मगुरुओं ने भी गौहत्या बंद करने और गौमाता को सम्मान देने की बात कही है! उन्होंने ऐसे लोगों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि गौवंश का संरक्षण पर्यावरण और प्रकृति से भी जुड़ा विषय है!
केंद्रीय चरागाह नीति की मांग….
सड़कों पर घूमने वाले गौवंश की समस्या पर उन्होंने कहा कि देश में केंद्रीय चरागाह नीति बनाई जानी चाहिए…. गौवंश के लिए पर्याप्त चारा, सुरक्षित आश्रय और चरागाह उपलब्ध कराना आवश्यक है!उन्होंने कहा कि सरकार गौधाम और अन्य आधारभूत संरचनाएं बना सकती है! लेकिन इनके संचालन में संतों, समाज और गौसेवा से जुड़े अनुभवी लोगों की भागीदारी होनी चाहिए…
छह चरणों में चलेगा अभियान….
अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को देशभर के जिला मुख्यालयों से प्रार्थना पत्र सौंपे गए…. और लगभग पांच करोड़ हस्ताक्षर केंद्र सरकार तक पहुंचाए गए…. दूसरे चरण में 27 जुलाई 2026 को देशभर के जिला मुख्यालयों से दोबारा प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे…. इस चरण में 15 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है!
इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 से तीसरा चरण शुरू होगा… जिसमें 20 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने की योजना है! इस तरह पहले तीन चरणों में 40 से 45 करोड़ हस्ताक्षर केंद्र सरकार तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है!
यदि इन चरणों के बाद भी मांग पूरी नहीं होती है! तो 27 फरवरी 2027 से चौथा चरण शुरू किया जाएगा…. इसके तहत देशभर के विभिन्न जिलों से लोगों को दिल्ली बुलाकर सात दिनों तक प्रतिदिन लाखों प्रार्थना पत्र लिखकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाए जाएंगे… यह अभियान लगभग छह महीने तक चरणबद्ध तरीके से चलाने की योजना है!
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2027 तक चार चरणों के बाद भी मांग पूरी नहीं होने पर 16 अगस्त 2027 से पांचवां चरण शुरू किया जाएगा… इसमें देशभर से 15 से 20 लाख संतों और श्रद्धालुओं के दिल्ली पहुंचने और नौ दिनों तक उपवास करने की योजना है!
भरत महाराज ने कहा कि यदि पांच चरणों के बाद भी सरकार मांग पर निर्णय नहीं लेती है! तो छठे और अंतिम चरण में देशभर के संत, सामाजिक संगठन, प्रबुद्धजन, मातृशक्ति के संगठन और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे…. उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से गौमाता के संरक्षण, उन्हें राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाना है!
सम्पर्क सूत्र….
इस अभियान के सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए बिलासपुर जिले से मोबाइल नम्बर नाम सहित जारी किया गया।जिनसे आम जनता संपर्क करके इस अभियान में जुड़ने और कार्ययोजना की जानकारी ली जा सकती है।
1…. विपुल शर्मा– 9826187198
2…. शुभम् दीक्षित–7208177332
3… अतुल सिंह–9826450411
4… कृष्णा सिंह–9827164870



