मोपका- छठघाट बाईपास रोड के बेशकीमती जमीन पर फिर लफड़ा, राजस्व रिकॉर्ड और निगम कह रहा नगर निगम का केडिया परिवार ने किया दावा… हाईकोर्ट के आदेश पर निगम और राजस्व अमले ने की नापजोंख…!

0 बताया कोर्ट के आदेश पर सीमांकन कर सौपेंगे रिपोर्ट

0 निगम और राजस्व विभाग के संयुक्त टीम ने किया सीमांकन
बिलासपुर / न्यायधानी बिलासपुर के मोपका से फिर प्रशासन की बेशकीमती जमीन पर कब्जे के आरोप और हाईकोर्ट के आदेश पर सीमांकन का मामला सामने आया है।
हाईकोर्ट के आदेश पर निगम और राजस्व विभाग की टीम ने दावा कर्ताओं की मौजूदगी में मोपका- छठघाट बाईपास रोड से लगे चर्च के बगल अरपा विहार कालोनी के सड़क पर लगे बोर्ड से लेकर गड़ाए गए खम्भे तक के जमीन के नापजोंख और सीमांकन किया।

ये है मामला

निगम के सबइंजीनियर जुगल किशोर सिंह ने बताया कि मोपका चौक- छठघाट बाईपास के खसरा नम्बर
993 की जमीन 1928-29 के मिसल बंदोबस्त और 1955-56 के अधिकार अभिलेख और निस्तार पत्रक में अभी भी छोटे बड़े झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज है। प्रशासन ने मोपका- छठघाट बाईपास रोड से लगे साढ़े 6 हेक्टेयर भूखंड को खेल मैदान, गार्डन के लिए राजस्व विभाग से निगम को हस्तांतरित किया था।
केडिया परिवार इस जमीन को अपनी निजी भूमि बता घेरकर खम्भा गड़ा लिया। जबकि चर्च से रवि रिसोर्ट के बाउंड्रीवाल तक की रोड से लगी जमीन अब भी रिकॉर्ड में छोटे बड़े झाड़ के जंगल के रूप में दर्ज है जिसे निगम को हस्तांतरित किया गया है ये जमीन निगम के स्वामित्व की है। हाईकोर्ट के आदेश पर सोमवार को निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सीमांकन किया गया जिसकी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गई थी।
3 बार कार्रवाई किये तब नही आया था कोई
नगर निगम के सब इंजीनियर ने बताया कि इस जमीन से पहले भी 3 बार अवैध निर्माण को ढहाया जा चुका है, इससे पहले तत्कालीन भवन शाखा प्रभारी सुरेश शर्मा और अतिक्रमण शाखा अधिकारी प्रमिला शर्मा ने टीम के साथ कार्रवाई की वे उस समय भी मौजूद रहे उस समय कोई भी जमीन मालिक जमीन पर हक जताने नही आये थे।
जुगल किशोर सिंह, सब इंजीनियर नगर निगम बिलासपुर


