

बिलासपुर/ शहर में पिछले 2- 3 दिनों से जगह जगह मातारानी के भव्य आगमन की धूम मची है, बाजे- गाजे और आतिशबाजी के साथ माँ की प्रतिमाएं स्थपित करने लाई जा रही।
पहले झांकी और लाखों के डीजे व सारे तामझाम दीगर जिलों से विसर्जन के लिए बुलाई जाती थी, पर पिछले कुछ सालों स् शहर की समितियों के युवा माँ जगदम्बे के आगमन को भव्य बनाने अपनी और अपनी टीम की पूरी ताकत झोंक दे रहे। पूरे समिति के पदाधिकारी व सदस्यों के लिए ड्रेस कोड से लेकर तमाम बारिकियों के लिए युवा साल भर से तैयारी करते है। इससे समितियों का खर्चा निश्चित रूप से बढ़ा है, पर उत्साह भी दुगना हुआ है।

बच्चे बूढ़े और जवान
शनिवार को अरपापार चिंगराजपारा अमरैया चौक की मातारानी का भव्य आगमन हुआ, बच्चे, बूढ़े, जवान, महिला पुरुष सब नाचत हे गब्बर शेर रे की धुन पर नाचते थिरकते नजर आये।
मनोकामना ज्योति कलश से जगमगाया माता का दरबार,,, जय हो मैय्या की…
शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को रतनपुर माँ महामाया सिद्धशक्तिपीठ मंदिर दरबार मे दर्शनार्थियों की रेलमपेल रही, घटस्थापना, पूजन, श्रृंगार के बाद माताजी के मंदिर का पट खुला भक्तों ने मत्था टेका और ज्योतिकलश के दर्शन किये। कलमीटर मा महामाया मंदिर, कतियापारा माँ संतोषी मंदिर, तिफरा मा काली मंदिर, मरीमाई दुर्गा मंदिर,जरहाभाठा चौक मा दुर्गा मंदिर, हरदेवलाल मंदिर, तेलीपारा दुर्गा मंदिर समेत शहर के सभी मंदिर मनोकामना ज्योत से जगमग हुए।



