ब्रेकिंग

दो रावण विवाद में आया ट्वीस्ट, विजय ने चल दी सियासी चाल शासन- प्रशासन से पूछा इसके नाम पर लाखों फूंकने के पीछे मंशा क्या…? क्या सत्तासीन पार्टी के फुफाओ को खुश करने फूंका जा रहा जनता का पैसा, आखिर बुराई पर अच्छाई की जीत पर क्या सन्देश देना चाह रही भाजपा…

Spread the love

बिलासपुर/ नाम विजय दीनानाथ चौहान बाप का नाम दीनानाथ चौहान माँ का नाम… ये जूनून है सियासत का…पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने बेलतरा विधानसभा से चुनाव हारने के बाद भी हार नही मानी, अस्वस्थता औऱ तमाम झंझावतों के बावजूद वे टिकट पक्का कराने लगातार दमखम दिखा दिल्ली दरबार तक अपना सन्देश पहुँचा रहे है। इस बार रावणी लफड़े में उन्होंने शासन- प्रशासन और सियासतदानों सबको कटघरे में खड़ा कर दिया कि 13 अरब से अधिक के सालाना बजट और करोड़ो नही अरबो की देनदारी वाले बिलासपुर नगर निगम को लाखो रुपये खर्च कर दो-दो रावण दहन करने की जरूरत क्यो पड़ गई। क्या सत्तासीन पार्टी के नेताओ की अदावत और खींचतान के कारण उन्हें खुश करने जनता के पैसे को इस बेदर्दी से जलाना उचित है, आखिर भारतीय जनता पार्टी बुराई पर अच्छाई की जीत के इस पर्व को लेकर संदेश क्या देना चाह रही। अरपापार की जनता अरपापार को अलग नगर निगम बनाने मांग कर रहे सालो से संघर्ष आंदोलन कर रहे वो तो दे नही पा रहे तो रावण दो क्यो दे रहे।


सवाल एक ही नगर निगम में दो शासकीय रावण पुलिस ग्राउंड में 60 फीट और साइंस कॉलेज मैदान में 80 फीट के रावण; के पुतले का विजयादशमी पर दहन करने 24 लाख रुपये फूंकने का है। उनका कहना है कि जब
अरपांचल लोक मंच द्वारा सालो से स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा और पहचान का हिस्सा बन चुका है। तो ऐसे में उसी मैदान पर नगर निगम द्वारा शासकीय आयोजन किए जाने की आवश्यकता क्यो। क्या जनता का पैसा रावण का पुतला फूंकने के लिए है।उन्होंने इस शासकीय दशहरा उत्सव के लिए सीएसआर राशि के स्रोत, टेंडर प्रक्रिया, स्वीकृति और भुगतान से संबंधित पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि
उनका उद्देश्य किसी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन का विरोध करना नहीं है। लेकिन
अरपांचल को केवल आयोजन नहीं, सड़क, नाली, जल निकासी, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाए
बेहतर प्रशासन और स्थायी विकास चाहिए। उन्होंने नगर निगम और राज्य सरकार से वित्तीय पारदर्शिता और अलग नगर निगम की मांग पर शीघ्र स्पष्ट निर्णय न लेने पर
कांग्रेस कार्यकर्ता और क्षेत्र की जनता के साथ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का ऐलान भो कर दिया।

       सन 2023 के विधानसभा सीट से बेलतरा विधानसभा से चुनाव हारने के बाद भी कांग्रेस नेता विजय केशरवानी, बदहाल बिजलीं व्यवस्था, निजी अस्पताल की मनमानी, शव को बंधक बनाने, अपोलो में आयुष्मान योजना शुरू कराने, आपोला में फर्जी डॉक्टर की इलाज से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष समेत दो दर्जन लोगों की मौत, लगातार ट्रेनो के निरस्त होने से परेशान यात्रियों, बाबाधाम यात्रियों की समस्याओं और जनसमस्याओं लेकर आंदोलन कर अपना दमखम दिखाने वाले विजय का बेलतरा विधायक के खिलाफ हाल ही में उनके नेतृत्व में हुआ कलेक्ट्रेट के घेराव का आयोजन भी हिट रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *