
बिलासपुर/ न्यायधानी के निजी अस्पतालों में चिकित्सा के नाम पर मरीजो की जान से खुला खिलवाड़ हो रहा। अब ड्रेसिंग के दौरान एक नवजात बच्चे का कोमल अंगूठा काट डालने की खबर है।
मिली जानकारी के मुताबिक शहर के चर्चित 18 हजार में सेजिरियन ऑपरेशन वाले हॉस्पिटल में एक प्रसूता ने नवजात को जन्म दिया। बच्चे को दिक्कत बता चर्चित बच्चों के हॉस्पिटल में भेज दिया गया, नवजात का यहाँ इलाज चल रहा बताया जा रहा कि यहां के एक नर्सिंग स्टाफ ने ड्रेसिंग के दौरान मासूम का अंगूठा ही काट डाला, अपनी गलती छिपाने आनन- फानन में हाथ मे पट्टी बांध दी गई। बताया जाता है कि भेद तब खुला जब प्रसूता ड्रेसिंग के दौरान अचानक ड्रेसिंग कक्ष में घुसी और बच्चे का कटा अंगूठा देख वही बेसुध होकर गिर गई उन्हें आनन- फानन में उठाकर बिठाया गया मनुहार की गई कि बात यहाँ से बाहर न जाये इससे अस्पताल की बदनामी होगी, अब बच्चे के सम्पूर्ण इलाज और ऑपरेशन की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की है, अच्छी बात है नवजात का बेहतर इलाज होनी चाहिए पर निजी चिकित्सा संस्थानों से लगातार सामने आ रही लापरवाहियों पर विराम भी जरूरी है। क्योकि इसी अस्पताल से पहले भी ब्लंडर कांड सामने आ चुके है।
इससे पहले भी पैसे के लिए जिला अस्पताल की एक क्लास -1 डॉक्टर द्वारा नसबंदी ऑपरेशन कर उसकी आंत को काटकर क्षतिग्रस्त कर उसकी जान को सांसत में डालकर जान बचाने बड़े अस्पताल में 6-7 लाख रुपये के बिल का झटका देने का मामला भी सामने आ चुका है।
इस मामले में होस्पिटल के प्रबंधक को कॉल कर उनसे चर्चा का प्रयास किया गया परन्तु उन्होंने काल ही रिसीव मामले में सीएमएचओ और जेडी से चर्चा कर जानकारी ली जाएगी कि निजो अस्पतालों से सामने आ रही इस तरह की लापरवाही को रोकने क्या कदम उठाया जाएगा।
दीवारों पर लिखाया जाए हेल्प लाइन नंबर
निजी अस्पतालों की मनमानी को रोकने वहां की दीवारों पर बकायदा हेल्पलाइन नम्बर अंकित कराया जाय ताकि इस तरह की लापरवाही होने पर मरीज के परिजन बिना किसी डर भय के सीधे हेल्पलाइन नम्बर पर कॉल लर सके और ऐसे मामलों पर तत्काल एक्शन हो…!
