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लाठीकाण्ड के बाद फिर तारबाहर वार्ड में भाजपा की हार के संदेश से जितनी मुंह उतनी बातें, कोई टोटका बता रहा तो कोई कुछ…

बिलासपुर/ लाठीकाण्ड के बाद फिर भारतीय जनता पार्टी को तारबाहर उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा। भाजपा प्रत्याशी को यहां से 1277 वोट मिले तो वही कांग्रेस प्रत्याशी ने 2339 वोट हासिल किये। ये उपचुनाव कांग्रेस ने जीत ली।
अल्पसंख्यक बाहुल्य तारबाहर वार्ड में कुल 5255 मतदाता है, 5255 मतदाताओं में से वार्ड के 3665 मतदाताओं ने मतदान किया। सोमवार 1 जून को हुए मतदान के बाद दोनों प्रमुख दल के कार्यकर्ता अपने- अपने प्रत्याशी के जीत के दावे कर रहे थे। आज गुरुवार 4 जून को हुई मतगणना के बाद कांग्रेस प्रत्याशी ने जीत दर्ज कर कयासों पर विराम लगा दिया।
तारबाहर का ये वार्ड दिवंगत वरिष्ठ कांग्रेस नेता शेख गफ्फार का प्रभाव क्षेत्र रहा जो आज भी कायम है ये दिख गया। भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने इस वार्ड को जीतने चुनावी रणनीति के तहत मतदाताओं को साधने की कोशिश की बहुत मेहनत की पर सफलता नहीं मिली।

ये है जातिगत समीकरण

मतदाता सूची के मुताबिक तारबाहर वार्ड में अल्पसंख्यक समुदाय के 1400 मुस्लिम, 600 क्रिश्चियन और हिंदू समाज के मतदाता हैं। खास बात ये रही कि पिछले उपचुनाव की तरह इस बार भी लगभग 2400 हिंदू मतदाताओं ने मतदान किया । इतनी बड़ी तादात में हिन्दू मतदाताओं के वोट करने के बाद भी परिणाम भारतीय जनता पार्टी के विपरीत आने के कई मायने निकाले जा रहे है। चर्चा इस बात की है कि 2018 में लाठीकाण्ड बाद 15 साल से प्रदेश की सत्तासीन भाजपा को पराजय का सामना करना पड़ा था, इस बार फिर लाठीकाण्ड के बाद भाजपा को तारबाहर वार्ड में पराजय मिली जो अच्छे संकेत नही है, हालांकि अबकी बार कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं पर मतदान के बाद और मतगणना से एक दिन पहले बुधवार को लाठी की मार पड़ी है, वही कुछ लोग इसे सरकार के खिलाफ एंटीइंकमबेसी से जोड़कर चटखारे ले रहे है।

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