
0 पुराना बस स्टैंड, चाँटीडीह और चिंगराजपारा में सजी चखने की मंडी
0 मंडी के बाकी दुकानों का क्या है किस्सा, माल किसके खींसा
बिलासपुर / सत्ता बदली तो अवैध चखना सेंटर के मालिक भी बदल गए। पर मालिको में कार्यकर्ताओं के बजाय ऐसे ऐसे धन्नासेठ नेताओं के नाम सामने आ रहे कि आप सुनकर दंग रह जाएंगे। पूरा कारोबार निगम के ठेकेदारी की तर्ज पर चल रहा नाम किसी का और मौके पर कोई ओर… चिंगराजपारा के सामने का चखना दुकान का संचालन एक नेत्री के पति द्वारा संचालित कराने हल्ला है… नेतागिरी के चक्कर मे कोई हाथ डाल नही सकता यही वजह है कि पुराने बस स्टैंड से लेकर चाँटीडीह सब्जी मार्केट, चिंगराजपारा का इलाका चखना मंडी में तब्दील हो गया है। नतीजतन सड़क पर पैग बन रहे और चियर्स भी हो रहा…? हालांकि न तो इसकी पुष्टि हुई है न हो सकती पर आरोप तो लग रहे चर्चा तो हो रही।
चाँटीडीह चखना मंडी
इन तस्वीरों में आप खुद देखिये ये तस्वीरें चाँटीडीह सब्जी मार्केट और शराब दुकान के बीच कैसे लाइन से चखने की मंडी सजी है, यहां चखना, डिस्पोजल गिलास, पानी, गुटखा पाउच, बीड़ी, सिगरेट सब ऑन डिमांड उपलब्ध है।
ये रही तस्वीरें-

पुराना बस स्टैंड चखना मंडी
यहाँ पुराने राज्य परिवहन डिपो का यात्री प्रतीक्षालय खंडहर और चीथड़ों के ढेर में तब्दील ओपन मधुशाला तो चल ही रहा, बकायदा शटर वाला चखना सेंटर और 8-9 ठेलों में फ्रिज, गिलास, पानी पाउच की मंडी चल रही है।
चिंगराजपारा चखना मंडी

ये तस्वीरें चिंगराजपारा चखना मंडी की है,,, जहाँ शराब दुकान के ठीक सामने बकायदा बोर्ड वाला चखना सेंटर चल रहा आरोप है हल्ला है कि ये एक नेत्री के पति नेताजी का है जिन्होंने अपने एक करीबी को यहां बिठा रखा है।
आसपास और चखने की दुकानें सजी है, यहां न सिर्फ अंदर बिठाकर शराब पिलाई जा रही है बल्कि सड़क किनारे कही कका- भतीजा तो कही सारा – भांटो- सारा पैग बना बरम्बावा को छींटा दे चियर्स करके शराब गटक रहे है।
64 में 32 बंद 32 चालू
प्रतिस्पर्धा में बढ़चढ़कर बोली लगाने वाले ठेकेदारों ने कमाधमा कर सेंटर सरेंडर कर दिया। जिसके चलते जिले के 64 शराब भट्ठियों में से वर्तमान में 30-32 भट्टियों में चखना दुकान वर्तमान में संचालित है, सहायक आयुक्त आबकारी कार्यालय से यही आंकड़े बताए गए है।
60-70 लाख में हुआ था टेंडर
सन 2025 में कलेक्ट्रेट के मंथन सभाकक्ष में
बिलासपुर जिले के 64 और जीपीएम (GPM) के 2 को मिलाकर कुल 66 चखना दुकानों के लिए एक साथ टेंडर कर दुकानों का आबंटन किया गया था।
शहर के चखना सेंटरों मे सबसे हाइरेट तोरवा भट्टी के चखना सेंटर का था जो 70 लाख रुपये में दी गई थी। वही दूसरे नम्बर पर चुचुहियापारा भट्टी के चखना सेंटर था जिसे 60 लाख रुपये में दिया गया। शहरी क्षेत्र के अन्य चखना सेंटरो की नीलामी 25 से 50 लाख रुपये के बीच हुई थी। वही ग्रामीण क्षेत्रो के सेंटरो की नीलामी 5 लाख से 15 लाख रुपये तक हुई थी।
अब मार्च 27 में होगा नया टेंडर
बताया जा रहा कि 2025- 2026 और 2026-2027 तक के लिए 2 साल का टेंडर किया गया था, अब नया टेंडर मार्च 2027 में किया जाएगा।
