
बिलासपुर / डी.पी. विप्र महाविद्यालय में ‘साइनेक्स मिलेनियम’ के रजत जयंती समारोह के दूसरे दिन गुरुवार को मुख्य अतिथि अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ललित प्रकाश पटेरिया,कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा एवं व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं के प्रयास से ही संपन्न हो सकता है। नवाचार बहुत महत्वपूर्ण है, नई चीज पैदा करना, नये विचार लाना युवा ही कर सकते है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा किसी भी समाज और राष्ट्र की महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं। विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा को निखारना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कौशल का निरंतर विकास करने तथा जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया।

कालेज के प्रशासन समिति के अध्यक्ष अनुराग शुक्ला ने कहा कि डी.पी. विप्र महाविद्यालय विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ उनकी रचनात्मक एवं व्यावहारिक क्षमताओं के विकास के लिए निरंतर अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, नई विधाएँ सीखने तथा विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एम. एस. तंबोली ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनकी अंतर्निहित प्रतिभाओं को निखारना एवं उनका सर्वांगीण विकास करना है। विश्वविद्यालय स्तरीय साइनेक्स मिलेनियम जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता, कलात्मक अभिरुचि एवं व्यावहारिक कौशल प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।

वही साइनेक्स मिलेनियम के प्रभारी डाॅ. निधीश चौबे ने नवाचार और युवा सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि आज का युवा केवल रोजगार प्राप्त करने वाला नहीं बल्कि नये विचार के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित करने वाला भी बन सकता है। युवाओं में नवाचार की अपार संभावना है। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राध्यापिका अंजू कमलेश द्वारा लिखित ‘धर्मा कोड सांइस एण्ड इथिक्स इंडियन स्टोरीस‘ पुस्तक का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय में रंगोली, मेहंदी, चित्रकला, पाककला, दुल्हन मेकअप एवं सलाद सज्जा जैसे विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए अपनी कल्पनाशीलता, कलात्मक अभिरुचि एवं व्यावहारिक कौशल का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन ऋचा हांडा एवं आभार प्रदर्शन प्रो. यूपेश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर डाॅ. मनीष तिवारी, गोविंद सेठी, जीतू ठाकुर, शिवा गेंदले, विनय अग्रवाल, निलेश माडेवार, टिकेश प्रताप सिंह, चित्रकांत निडरवार, विकास सिंह ठाकुर, मनीष मिश्रा, उमेश साहू, अरूण नथानी, बृजेश बोले, समर्थ मिरानी यूपेश कुमार, डाॅ. संजय तिवारी, डाॅ. एम.एल. जायसवाल, डाॅ. विवेक अम्बलकर, डाॅ. आशीष शर्मा, प्रो. ए.श्रीराम, डाॅ. सुषमा शर्मा, डाॅ. खगेन्द्र सोनी, डाॅ. जयंत राय, डाॅ. शिखा पहारे, डाॅ. सुरूचि मिश्रा, प्रो. विश्वास विक्टर, शैलेन्द्र तिवारी, डाॅ. अजय यादव, प्रो. सुचित दुबे, डाॅ. ज्योति तिवारी, हैल्सियनकांत, विभांशु अवस्थी, सगराम चंद्रवंशी, तोरण यादव प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
