
बिलासपुर। सीमेंट में गवर्नमेंट टेक्स के बाद अब पूर्व मंत्री व सांसद दिग्गज नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र भेज जमीन के भारी भरकम गाइडलाइन दर में संशोधन की मांग की है। इतना ही नही उन्होंने जनता के चुने उन जनप्रतिनिधियों को भी आईना दिखाया है जो चुनाव के दौरान जनता के हर सुखदुख में साथ निभाने और जनहित में काम करने का दावा कर पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव जीतने के बाद इन तरह के तमाम संकटो के बावजूद आवाज तक नही उठा पा रहे है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को भेजे गए पत्र में कलेक्टर गाइड लाइन दर पर आम जनता के आक्रोश और राजस्व हानि का हवाला दे कमेटी से इसका मूल्याकंन करा वास्तविक बाज़ार मूल्य के आधार पर जमीन का सरकारी रेट तय करने की मांग की है।


सवाल यह उठ रहा कि छत्तीसगढ़ के मंत्री, विधायक और सांसद इतने बड़े मामले में क्यो चुप्पी साधे है, ठीक है भाजपा ने टिकट दी पर वोट देकर सांसद विधायक तो जनता ने बनाया तब तो वे मंत्री बने विधायक सांसद बने तो फिर उन्हें जनता की नाराजगी और असुविधा क्यो नही दिखाई देती, वे क्यो आवाज नही उठाते। जनता द्वारा जनता के लिए चुनी सरकारें जनता के हित में निर्णय क्यो नही लेती।

क्यो जमीन के पंजीयन शुल्क में छूट को खत्म कर उल्टे वृद्धि करने को लेकर घमासान मचा है, क्यो कांग्रेस आंदोलन कर रही, भाजपा और कांग्रेस नेताओं पर आपस मे सांठगांठ कर इस आंदोलन को हवा देने के आरोप लग रहे है, क्योकि ज्यादातर नेता और अफसर जमीन के कारोबार में लिप्त है।
इधर पूर्व मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता रायपुर के सांसद बृजमौहन अग्रवाल ने फिर जनता की मांग को उठा खलबली मचा दी है।



