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मिशन 2028 को लेकर कांग्रेस की सियासत तेज, हर आमोखास से जुड़े बिजली के टैरिफ दर में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर के मुद्दे को लेकर फूंका सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का बिगूल…!

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0 केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के बयान का हवाला दे कहा स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए जोर जबरदस्ती नही सहमति ले

0 जब केंद्र सरकार सहमति की बात कर रही है तो छत्तीसगढ़ में जबरदस्ती क्यो,

बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मिशन 2028 के लिए माहौल बनाना शुरू कर दिया है। लगातार मुद्दों पर चोट करने का उद्देश्य हर आमोखास से सीधे जुड़े बिजली दरों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर सरकार को घेरने  और स्मार्ट मीटर के अनाप- शनाप बिलिंग के भारी भरकम बोझ से पब्लिक को राहत दिलाने मांग रखी है।अब देखना होगा कि केवल राजनीति होगी या कोई राहत मिलेगी भी।

इसी के तहत कांग्रेस ने प्रदेश भर में चरणबद्ध जनआंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने के लिए जिला मुख्यालयों से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक विरोध प्रदर्शन का मास्टर प्लान तैयार कर इज़के लिए रिहर्सल शुरू कर दिया। पहले दिन 1 अगस्त को जिला मुख्यालयों में पत्रकार वार्ता का आयोजन कर पहला सियासी तीर चलाया गया। रविवार 2 अगस्त को डोर टू डोर जनसम्पर्क और स्मार्ट मीटर के विरोध में आवेदन भरा बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान का श्री गणेश किया जाएगा लगातार दो महीने तक चलने वाले इस अभियान के दौरान एकत्र किए आवेदनों को संबंधित बिजली कार्यालयों में जमा कर उनकी पावती लेने जिला स्तर पर बिजली कार्यालयों का घेराव करने और इसके बाद सभी जिलों से प्राप्त पावती को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की रणनीति तय की गई है। कहा जा रहा कि ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार मुख्यमंत्री के अधीन है इसलिए जनता की मांग सीधे उनके समक्ष रखी जाएगी।

आरोपो की बौछार

जारी प्रेस नोट में कांग्रेस ने भाजपा पर जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा कृषि पंपों की दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह बिजली दरों में पांचवीं बार बढ़ोतरी करने,
12 प्रतिशत विद्युत शुल्क अधिभार (एफएसए) लगाकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाते हुए। सत्ता परिवर्तन के बाद 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को गदफदवाने से प्रदेश भर के उपभोक्ताओं के बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले बिजलीं की खपत कम होने का हवाला देकर सीएफएल, फिर एलईडी लगवाया विभाग और सरकार ने जो कहा वो किया पर बिजलीं बिल कम नही हुआ उल्टे बढ़ता गया।

लगाया मनमानी का आरओ


कांग्रेस का कहना है कि उपभोक्ताओं की सहमति के बगैर उनके स्वीकृत अनुबंध भार (लोड) में वृद्धि की जा रही है, जो नियमों के विपरीत है। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं, जिसके आधार पर अतिरिक्त शुल्क जोड़कर अधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं।

बताए 3 कारण

कांग्रेस ने बिजली बिल बढ़ने के तीन प्रमुख कारण बताए हैं।बिजली दरों में वृद्धि, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना तथा स्मार्ट मीटर के कारण अधिक खपत दर्ज होना। प्रेस नोट में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में अदाणी कंपनी के स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।पार्टी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के अप्रैल 2026 के बयान का हवाला देते हुए कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर उसकी सहमति के बिना नहीं लगाए जा सकते। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार भी सहमति की बात कर रही है तो छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर क्यों थोपे जा रहे हैं।
कांग्रेस ने बिजली की बढ़ी हुई दरें तत्काल वापस लेने,-
400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना दोबारा लागू करने प्रदेश भर  में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को हटाने की मांग की है।

कहा चलेगा सतत आंदोलन

कांग्रेस ने प्रेस नोट में  दावा किया कि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में स्मार्ट मीटर को लेकर सरकारों ने यूटर्न लेकर जनता को राहत दे सकती है तो छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनहित को देखते हुए स्मार्ट मीटर वापस लेने और बिजली दरों में राहत देने प्रदेश में बड़ा और सतत आंदोलन चलाने ऐलान किया है।

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