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हरिओम मल्टीस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में आदिवासी महिला की लाश को पैसे के लिए बंधक बनाने की खबर से मचा रहा पूरे दिन बवाल, विजय बने निर्बल के बल कांग्रेसजनों के साथ घेरा अस्पताल, एसपी दफ्तर और कलेक्ट्रेट…

बिलासपुर.. लगता है कि चिकित्सा के नाम पर न्यायधानी के निजी अस्पतालों में मची लूट को रोकने अब गब्बर की दरकार है। ताजा मामला तोरवा के हरिओम अस्पताल में पैसे के लिए आदिवासी महिला का शव रोकने के गंभीर आरोप का है। जिसको लेकर गुरुवार को पूरे दिन हड़कम्प मचा रहा। एक ही दिन में मृत मरीज के लाश को पैसे के लिए बंधक बनाने, 19 घण्टे की चिकित्सा के बाद मृत मरीज के परिजन को पौने 5 लाख का बिल थमहाने और एक मरीज के पेट मे ऑपरेशन के बाद धागा छोड़ने की घटना से आक्रोशित कांग्रेसजनों ने अस्पताल प्रबंधन का घेराव कर कलेक्टर, एसएसपी को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की , कलेक्टर की फटकार के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तोरवा के हरिओम मल्टीस्पेशलिटी होस्पिटल पहुँच इलाज से सम्बंधित दस्तावेज की जांच कर मौके की वीडियोग्राफी करा शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रवाना कर दिया।

ये है मामला….

हरि ओम मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन ने गत 28 जुलाई को पहले द्वारा तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई कि कोरिया जिला अंतर्गत शहडोल थाना क्षेत्र के ग्राम कामराजी निवासी जगन्नाथ प्रसाद ने गत 25 जुलाई को अपनी पत्नी तिलबसिया बाई उम्र 46 साल को हरी ओम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था… आरोप है! कि जिस दिन मरीज की छुट्टी होनी थी… परिजन मरीज को अस्पताल में छोड़ कर भाग गए… मरीज के परिजनों से संपर्क करने पर फोन बंद मिला… जिससे उससे संपर्क नहीं हो सका…
उसके बाद दूसरे दिन 29 जुलाई को अस्पताल के लेटरहेड में मरीज की मौत की सूचना पुलिस को दी गई… आरोप है कि पूरा मामला पैसे के लिए मरीज के शव को बंधक बनाने का है! इस घटना ने न्यायधानी में प्रशासन के फेलियर और स्वास्थ महकमे की कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है! यही वजह है! कि लगातार निजी अस्पतालों से लापरवाही बदसलूकी और मृत मरीज के लाश को बंधक बनाने की खबरें आ रही है!
इससे पहले बुधवार को व्यापार विहार के एलीट हॉस्पिटल से एक मरीज की मौत के बाद मृतक के परिजनों को 19 घंटे के इलाज का 4 लाख 75 हजार रुपए के बिल थमाने और कल बुधवार को ही तोरवा के पेंडलवार नर्सिंग होम से एक मरीज के ऑपरेशन में लापरवाही और उसके पेट में ऑपरेशन के बाद धागा छोड़ने का मामला सामने आया था।

सांसद ने जगाया..विजय बने दीनदुखियों की आवाज

बताया जा रहा कि मौत के बाद पैसे की मांग करने पर मृतक परिजनो ने क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना महंत से पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा दे अंतिम संस्कार के लिए मृतक की लाश दिलाने की गुहार लगाई।
सांसद ने कांग्रेस नेता विजय केशरवानी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को कांग्रेस नेता विजय केशरवानी पीड़ित परिवार की आवाज बन पहले अस्पताल प्रबंधन से जवाब तलब किया कि क्या आपकी मानवता मर गई, किस अधिकार से आपने लाश को रोक रखा।
इसके बाद कांग्रेस नेता श्री केशरवानी ने कलेक्टर व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर चिकित्सक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई व करने और निजी अस्पतालों की लापरवाही व चिकित्सा के नाम पर की जा रही मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण लगाने मांग की।

सरकार कह रही आयुष्मान निजी अस्पताल बोल रहे पैसा निकाल

  • आरोप है! कि मृतक के पति जगन्नाथ ने इलाज के लिए अस्पताल में आयुष्मान कार्ड भी प्रस्तुत किया… बावजूद इसके उसे 84, 400 रुपए का बिल थमा दिया गया… उनका कहना है! कि उन लोगों ने 31,700,80 रुपए की व्यवस्था कर अस्पताल भी पहुंचे… और रकम जमा कराई… लेकिन आरोप है! कि अस्पताल प्रबंधन ने पूरी राशि जमा करे बिना शव देने से इनकार कर दिया…

  • भोपू जनता को बना रहे चोपू….

ट्रिपल इंजन की सरकार देश और प्रदेश के अंतिम छोर के नागरिकों तक चिकित्सा पहुंचाने लगातार आयुष्मान और अन्य मुक्त चिकित्सा योजनाओं का ढिंढोरा पीट रही है! ये घटनाएं बता रही है! कि सरकारी योजनाओं का हाल धरातल पर कितना बदहाल है!

विजय केशरवानी, पूर्व अध्यक्ष जिला कांग्रेस बिलासपर
लक्की मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष NSUI

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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