ब्रेकिंग

न्यायधानी की प्रशासनिक व्यवस्था साय साय, मुन्नी की तरह बदनाम है! जिले का स्वास्थ महकमा 19 घंटे में 5 लाख के बिल और पेट में धागा छोड़ने के बाद अब हरि ओम हॉस्पिटल से मृतक के शव बंधक बनाने का आरोप…

Spread the love

बिलासपुर,,,,, मस्तूरी रोड पावर हाउस चौक के आगे हरि ओम हॉस्पिटल से एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है! जिसमें अस्पताल प्रबंधन ने तोरवा थाने में एक मरीज को परिजनों द्वारा छोड़ कर भागने की शिकायत की है! पर मरीज के मृत्यु का मामला छिपाया गया है! आरोप है! कि मामला मौत के बाद 5 दिनों तक लाश को बंधक बनाने का बताया जा रहा है!

ये है! मामला….

हरि ओम मल्टी स्पेशलिटी प्रबंधन द्वारा तोरवा थाने में की गई… शिकायत के मुताबिक कोरिया जिला अंतर्गत शहडोल थाना क्षेत्र के ग्राम कामराजी निवासी जगन्नाथ प्रसाद ने गत 25 जुलाई को अपनी पत्नी तिलबसिया बाई उम्र 46 साल को हरी ओम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था… आरोप है! कि जिस दिन मरीज की छुट्टी होनी थी… परिजन मरीज को अस्पताल में छोड़ कर भाग गए… मरीज के परिजनों से संपर्क करने पर फोन बंद मिला… जिससे उससे संपर्क नहीं हो सका…
पुलिस को दी गई… सूचना के मौत का उल्लेख नहीं है! लेकिन दूसरी प्रति में 25 को भर्ती करने और 29 को मौत होने की खबर है! बताया जा रहा है! कि पूरा मामला पैसे के लिए मरीज के शव को बंधक बनाने का है! इस घटना ने न्यायधानी में प्रशासन के फेलियर और स्वास्थ महकमे की कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है! यही वजह है! कि लगातार निजी अस्पतालों से लापरवाही बदसलूकी और मृत मरीज के लाश को बंधक बनाने की खबरें आ रही है! इससे पहले बुधवार को व्यापार विहार के एलीट हॉस्पिटल से एक मरीज की मौत के बाद मृतक के परिजनों को 19 घंटे के इलाज का 4 लाख 75 हजार रुपए के बिल थमाने और कल ही तोरवा के पेंडलवार नर्सिंग होम से एक मरीज के ऑपरेशन में लापरवाही और उसके पेट में ऑपरेशन के बाद धागा छोड़ने का मामला सामने आया है!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *