
बिलासपुर,,,, निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली के खिलाफ उठी आवाज का असर अब साफ दिखने लगा है। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन और किए गए प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी ताजा आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को निजी विद्यालयों में फीस विनियमन अधिनियम के पालन की स्थिति पर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।


दरअसल, एनएसयूआई के नेतृत्व में निजी स्कूलों पर आरोप लगाए गए थे कि वे बिना नियमों का पालन किए मनमाने ढंग से फीस वसूल रहे हैं और पारदर्शिता नहीं बरत रहे। इसको लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन भी किया गया था।

जारी आदेश में साफ कहा गया है कि सभी निजी स्कूलों में फीस विनियमन समिति का गठन होना चाहिए और उसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, शुल्क निर्धारण के लिए समिति की नियमित बैठकें आयोजित हों और तय फीस को स्कूल के नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए। इसके अलावा पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों (2024-25, 2025-26, 2026-27) में जिला स्तरीय शुल्क समिति की बैठकों का पूरा विवरण भी मांगा गया है।

इस कार्रवाई पर रंजेश सिंह ने कहा कि यह छात्रों और अभिभावकों की जीत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ तो एनएसयूआई बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने मीडिया की भूमिका को भी अहम बताया।
प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद है कि निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगी और विद्यार्थियों को उनके अधिकार मिलेंगे।



