
0 क्या मंत्रियों के ओएसडी बने अफसरो तक पहुचेंगे पुलिस के हाथ

0 या नोटिस – नोटिस के खेल का हल्ला तक ही रह जायेगा
बिलासपुर/ नागलोक फर्जी मुआवजा कांड में पूर्व तहसीलदार और नायब तहसीलदार को नोटिस जारी होने से फिर खलबली मच गई है। अभी तक ये चर्चा रही कि साढ़े सत्रह करोड़ के घोटाले के बाद इतना सन्नाटा क्यो,,,?
दरअसल बुधवार को फिर पुलिस टीम तहसील दफ्तर पहुची, बताया जा रहा कि मामले में पूछताछ के लिए यहाँ पूर्व में पदस्थ तहसीलदार और नायब तहसीलदार को नोटिस् जारी कर तलब किया गया है।
हल्ला है कि पूर्व में यहां पदस्थ तहसीलदार और नायब तहसीलदारो के मंत्री के ओएसडी या अन्य प्रभावशाली पदों पर पहुचने के कारण जांच की रफ्तार धीमी हो गई है।
इससे पहले 7 तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया था।
इसके बाद प्रशासनिक अफसर संघ और लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ ने कलेक्टर और संभागायुक्त को ज्ञापन सौंप अपनी अपनी मांग रखी ।



