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क्या अब भरका का भी टेंडर होगा, मामला गांधी चौक- जगमल चौक के डिवाइडर के किनारे खुले भरके का…

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बिलासपुर/ पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट ही नही सरकारी सारे निर्माण एजेंसियों का यही हाल है। गांधी चौक- जगमल चौक मार्ग पर सड़क के बीचों- बीच भारी भरकम दिवाईड्रंक निर्माण कराया गया है, डिवाइडर बन गया और बनाया जा रहा, सफेदी हो गई ग्रील में प्राइमर की परत चढ़ गई लेकिन ज़्डक और डिवाइडर के बीच बेतरतीब खुले गड्ढे ( भरका) अब तक नही भरा गया, जिससे हादसे का खतरा मंडरा रहा है। इन तस्वीरों में आप खुद देखिये कैसे मुख्यमार्ग में कतार जैसा लंबा खतरनाक गड्ढा छोड़ ढिया गया है।


ऐसे में यदि किसी वाहन चालक का पहिया स्लिप होता है, या भारी ट्रेफिक के चलते बाइक, स्कूटी या सायकल का पहिया इन गड्ढों में घुसता है तो क्या होगा आप खुद सोचिए, पर न तो विभाग के जिम्मेदारों का इससे कोई सरोकारन्हि न ठेका फर्म के संचासलक का, सवाल यह उठ रहा कि क्या विभाग के पास निर्माण कार्यो की निगरानी के लिए अमला नही हैं, या ठेकेदार के टेंडर में इन खतरनाक छोड़े गए गड्ढों को भरने कोई उल्लेख नही है, और यदि उल्लेख है तो जिम्मेदार क्या देख रहे, क्या किसी अनहोनी के बाद जिम्मेदार जागेंगे।
आमतौर पर पहले चुनावी सड़के बनती थी लेकिन इस बार विधानसभा, लोकसभा और नगर निगम के चुनाव हो गए सड़के नही बनी, लेदेकर कुछ सड़को पर काम हुआ तो काम के ये हालात है।


इसके पहले सीवरेज और अमृत मिशन के दौर में कितने हादसे हुए कितने लोग हताहत हुए कई जाने गई पर कोई सबक नही लिया गया।
सवाल ये भी की पब्लिक को विकास के नाम पर त्रास क्यो,,,?,,,, क्यो ठेकेदारों पर दबाव नही बनाया जाता कि पब्लिक को दिक्क्त न हो काम ऐसा करना है।
राजकिशोर नगर के ज़्डक के रिकार्ड तोड़ निर्माण हो या बैराज की सड़क सब बदहाल है, 4 माह से राहगीर धूल फांक रहे 4 मलह में 600 मीटर ज़्डक नही बनाई जा सकी, जुनाबिलासपुर- चाँटीडीह और कुदुदंड- शिवघाट के ज़्डक निर्माण की गुणवत्ता के दावे ने तो बैराज की सड़क शुरू होते ही उधड़ना शुरू कर दिया, सीमेंट का धुर्रा उड़ गया बटर्रा गिट्टी ही गिट्टी उधड़ा बिखरा दिखाई दे रहा।
फिर बन्द
मीडिया में खबरे आने के बाद फजीहत मचने पर जलसंसाधन विभाग ने लगभग माह-सवा माह खोले गए बैराज की सड़क को बांस बल्ली लगा फिर निर्माण कार्य प्रगति पर हसि का बैनर टांग दिया, राहगीर जानकारी के आभाव में लौटकर रपटा तरफ वापस भाग रहे…

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