ब्रेकिंग

आई बरसात तो लगी…8 माह के बाद आई पानी निकासी की याद अब खोद रहे नाला निर्माण के लिए सड़क…

बिलासपुर/ नगर निगम की कर्यप्रणाली कैसी है आप भी देख लीजिए। 15 जून से 15 अक्टूबर तक बारिश का मौसम माना जाता है अक्टूबर 2025 से जून 2026 के बीच 8 माह बीत गए इन 8 महीनों में निगम प्रशासन को पानी निकासी की याद नही आई, जून माह शुरू होते ही निगम का कामकाज सडबड़ा गया। जगह- जगह सडक किनारे नाला- नाली निर्माण के लिए खोदकर छोड़ दिया गया है, आधी सडक तक गिट्टी, रेत बिखरा पड़ा है तो कही 4-4, 5-5 माह से काम अधूरे पड़े है, न्यायधानी की सड़कों का हाल बेहाल है।


ये तस्वीरें राजकिशोर नगर शनिमंदिर के पीछे की है, जहां ठेकेदार को नाला निर्माण का काम दिया गया है, ठेकेदार ने करीब सप्ताह भर पूर्व एक्सीवेटर से सड़क किनारे नाला बनवाने खुदाई कराया तब से यह खुदा पड़ा है,

पंचवटी कालोनी, देविका विहार के रहवासियों और आसपास के रहवासियों के आवागमन के लिए ये एक मात्र रास्ता है, कलवर्ट निर्माण के लिए रास्ते को खोदकर छोड़ने के कारण कार तो क्या बाइक तक से आने जाने का रास्ता नही है, लोग कूद- फांद के आवागमन कर रहे है। यहाँ के रहवासियों की कारो के पहिये सप्ताह भर से थमे हुए है, लेदेकर कलवर्ट की ढलाई हुई तो अब सूखने के लिए इसे बन्द रखा गया है, लोगो को गली कूचे से घूमकर या कूद फांदकर आवागमन करना पड़ रहा है, पूरे शहर भर में ऐंन बारिश के पहले बेतरतीब खुदाई के कारण ऐसा ही हाल है। राजकिशोर नगर शनिमंदिर से स्मृति वन के बीच सड़क के बीचोबीच डिवाइर का निर्माण हो गया पर 5 माह में सड़क नही बनाई जा सकी, शनिमंदिर से छठघाट तोरवा चौक तक कि सड़क उजाड़ और उधड़ी पड़ी है, करीब साल भर पहले शनिचरी सब्जी मंडी से चिंगराजपारा- लिंगियाडीह तक सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तोड़फोड़ की गई है, अपोलो से लेकर राजकोशोर नगर हनुमान मंदिर चौक तक कि सड़क पर तो डामरीकरण करा दिया गया है, लेकिन सब्जी मंडी से चिंगराजपारा अपोलो के ढलान तक कि सड़क अभी भी उधड़ी पड़ी है, नागरिक राहगीर धूल फांकने विवश है पूरे एक साल हो गए, विकास तो दूर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पूरी गर्मी यहां के रहवासियों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा।धूल गर्द उड़ रहा रहवासी, कारोबारी, राहगीर सब हलाकान है और पूछ रहे कि क्या यही विकास है क्या प्रशासन विकास के नाम पर दमा और स्वांस के बीमारी की सौगात दे रही है,,, सवाल आपका है आपके स्वास्थ्य का है।

Author Profile

शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145