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कहा गवो एक्ट का डब्बा,,,सहायक आयुक्त आबकारी व संभागीय उड़नदस्ता के बाद भी संभागीय जिला मुख्यालय में एक्साइज एक्ट के परिपालन का हाल खस्ता, पुराने बस स्टैंड में चल रहे आधा दर्जन से अधिक चखना सेंटर, लगातार फजीहत के बाद टीम ने भी की तफरी फिर भी खुलेआम चियर्स कर रहे रेफरी…

बिलासपुर,,, लगता है, एक्साईज महकमा एक्ट को तकिये के नीचे रख कर सो गया है! तभी तो संभागीय जिला मुख्यालय के शराब दुकानों के आसपास चखना दुकानों की मंडी लगी है! शहर से लेकर शहर सीमा से लगे होटल ढाबों में अवैध रूप से खुले आम शराब पिलाई जा रही है! संभागीय उड़न दस्ता है, जिले का उड़न दस्ता है, एक्साइज विभाग की टीम पुराने बस स्टैंड के अवैध चखना दुकानों पर पहुंची भी पर किया कुछ नहीं… तो सवाल यह उठ रहा है! कि फिर आबकारी की टीम पुराना बस स्टैंड परिसर के चखना दुकानों में करने क्या गई थी… क्योंकि इसकी तस्वीरें तो सामने आई है!


इन तस्वीरों में आप खुद देखिए ये तस्वीरें शहर के पुराना बस स्टैंड परिसर में संचालित देशी- विदेशी शराब दुकान  के आसपास संचालित चखना दुकान का है! मौके पर बावर्दी महिला स्टाफ और उनकी टीम दिखाई दे रही है!
हुआ क्या अमला वहां करने क्या गया था… ये जानने के लिए CGDNA की टीम ने सहायक आयुक्त आबकारी नवनीत तिवारी को 2 से 3 बार कॉल कर उनसे यह जानने का प्रयास किया… की टीम वहां करने क्या गई थी… पर उन्होंने मोबाइल ही रिसीव नहीं किया… संभागीय उड़न दस्ता के अफसर ने तो ऐसे किसी कार्रवाई को लेकर अनभिज्ञता जता दी… विभाग के क्षेत्रीय अफसर पंकज कुजूर ने लगातार कॉल करने के बाद दोपहर बाद खुद कॉल किया.. जब उनसे पुराना बस स्टैंड के अवैध चखना दुकानों को लेकर सवाल किया गया… तो उन्होंने कहा कि उनकी टीम सरप्राइज चेकिंग पर जरूर गई थी… पर उन्हें कार्रवाई का अधिकार ही नहीं है! तो फिर टीम वहां करने क्या गई थी… और फिर किसको कार्रवाई का अधिकार है पूछने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया…
जब संभागीय जिला मुख्यालय में शहर के बीच पुराना बस स्टैंड में अवैध ढंग से ऐलानिया आधा दर्जन से अधिक अवैध चखना दुकानें चल रही है! तो जिले के अन्य दुकानों का क्या हाल होगा… इसका अंदाजा लगाया जा सकता है!

न्योछावर या व्यवहार…?

अब सवाल यह उठ रहा है! कि क्या विभाग के जिम्मेदार अफसर ऐसी चेंबर से निकलकर शहर के शराब दुकानों का दौरा नहीं करते या वे इनोसेंट है! उन्हें इसका पता ही नही, या फिर ये सब कुछ पॉलिटिकल इशारे और न्योछावर, व्यवहार में चल रहा है! ये बड़ा सवाल है!

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