
बिलासपुर/ न्यायधानी के अपोलो अस्पताल परिसर में खुले में मेडिकल कचरा और मानव अंग के अवशेष जलाकर लिंगियाडीह के रहवासियों को खांसी- खोंखी और संक्रामक बीमारी का तोहफा देने की खबर पर सीएमएचओ ने पत्र भेजकर आपोला से जवाब तलब करने की बात कही है।
बेलतरा विधायक की घुड़की और विपक्षी दल कांग्रेस के आंदोलन के बाद आयुष्मान योजना को कंडीशनल लागू करने, और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के आपोलो के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद भी सीएमएचओ ने ये हिम्मत की है।
ये है मामला
गत 13 अक्टूबर मंगलवार की रात अपोलो हॉस्पिटल के आसपास के लिंगियाडीह इलाके में तब अफ़रा-तफरी मच गई जब अस्पताल परिसर में खुले में जलाए जा रहे मेडिकल वेस्ट से लोगो के खांसते-खांसते दम घुटने लगा। हलाकान परेशान नागरिकों ने अपोलो के मुख्यद्वार के सामने एकत्र होकर इसका विरोध करते हुए कहा कि ये ऐसा पहली बार नही हो रहा कई बार पहले भी अपोलो खुले में अस्पताल से निकलां मेडिकल कचरा जला चुका है, जब जब शिकायत होता है प्रबंधन कचरे को डंप करा लेता है, जैसे ही विरोध शांत होता है क्विंटलों मेडिकल कचरे व ऑपरेशन से निकलने वाले मानव अंग को खुले में जलवाता है जिससे धुंए से लोग खासते- खांसते हलाकान होते है साथ ही बीमारी के संक्रमण का खतरा है। ऐसे में यदि ये परिवार किसी संक्रामक बीमारी की चपेट में आता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। क्या पूरे लिंगियाडीह को गोद लेने का दावा करने वाला आपोलो उन्हें क्या मुफ्त चिकित्सा मुहैया कराएगा। वार्ड पार्षद ने कहा कि बार- बार शिकायत के बाद भी अपोलो प्रबंधन नही मान रहा, अब लिंगियाडीह के नागरिक जल्द सडक पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
नदारद है क्या…? एनवायरो केयर
सवाल यह उठ रहा कि जब एनवायरो केयर नामक संस्था को शहर के सारे अस्पतालों से मेडिकल वेस्ट का उठाव कर सम्पूर्ण निदान की जिम्मेदारी दी गई तो फिर इतना बड़ा झोल क्यो…तो क्या एनवायरो नदारद है।
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इधर सीएमएचओ ने कहा कि…
