
0 कहा प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक को पत्र भेज लगा चुके गुहार पर किसी ने नही सुनी पुकार
0 जब गांवों से लेकर शहर तक चल रहा आरामिल तो उन्हें क्यो नही दे रहे लाइसेंस
0 बोले 70 का हो गया अब कहाँ से दूसरा रोजी रोजगार लाऊँ
बिलासपुर. न्यायधानी बिलासपुर के वन विभाग के बाहर धरने पर बैठे 70 साल के बुजुर्ग ने शासन- प्रशासन से यह पूछकर संकट खड़ा कर दिया है कि उनके आरा मशीन में कौन कांटा लगा है। जिसके लाइसेंस को 20 साल से लटकाकर रखा गया है। इसको लेकर वे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तक से अपने परिवार की रोजी रोटी का हवाला देकर कागजी घोड़ा दौड़ा चुके है और कही कोई सुनवाई न होने पर वे अब खम्भ गाड़कर वन विभाग के सामने धरने पर बैठे है।

दरअसल ये कुदुदंड निवासी अभिमन्यु पाण्डेय है जो पिछले तीन दिन से वन विभाग के बाहर धरना दे रहे हैं। उन्होंने बताया है कि वे इस मामले में राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से लेकर प्रदेश के नेताओ और अफसरो तक को पत्राचार कर अपनी इस पीड़ा को जाहिर कर चुके है। लेकिन अभी तक उनकी कही कोई सुनवाई नहीं हुई जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा क्योकि सवाल उनके परिवार के पेट और आजीविका का है । यही आरा मिल उनके परिवार के आय आमदनी का एकमात्र जरिया है। पर दिल्ली से लेकर बिलासपुर तक किसी ने उनकी पीड़ा को नही समझा।
वन विभाग है कि लाइसेंस देने में आनाकानी कर रहा है उनका कहना है कि जब तक उन्हें लाइसेंस नहीं मिलेगा तब तक वे इसी तरह वन विभाग के बाहर धरने पर बैठे रहेंगे।
उनका आरोप है कि जब गांव से लेकर शहर तक आरा मिल चल रहा है तो सिर्फ उन्हें ही वन विभाग के अधिकारी जानबूझकर क्यो प्रताड़ित कर रहे ।
