
बिलासपुर/ जिले भर के होटल ढाबों से शराब पिलाने का वीडियो वायरल हो रहा, शराब दुकानों के पास अवैध चखना दुकानों के संचालन की खबरे आम है। हाल ही में
बिल्हा के आबकारी विभाग की महिला अधिकारी व उनकी टीम पर तड़के 4 बजे गांजे के सन्देह में घर की तलाशी, दुर्व्यवहार, घर से पैसे और सामान ले जाने और पैसों की मांग करने के आरोप लगे। लगातार अवकाश के बाद जब मामला है क्या और विभाग कर क्या रहा ये जानने आबकारी दफ्तर में सीजीडीएनए की टीम पहुँची तो चेम्बर, कुर्सी सब खाली मिले दफ्तर में कोई जवाबदेह अफसर नही मिले।

बिलासपुर में आबकारी विभाग की ये कथित कार्रवाई विवादों में है। मामला घर की तलाशी, 40 हजार रुपये नकद, मोबाइल और सीसीटीवी डीवीआर ले जाने के साथ ही पैसों के डिमांड के आरोप का हैं वो भी तड़के 4 बजे। मामले में बिल्हा के आबकारी विभाग की एक अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

ये है मामला
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि तड़के करीब चार बजे गांजे के अवैध कारोबार के सन्देह में कुछ लोग उनके घर में दाखिल हुए और तलाशी लेने लगे। परिवार का दावा है कि इस दौरान 40 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर ले गए साथ ही 50 हजार रुपये के डिमांड और 40 हजार रुपये लेने व दुर्व्यवहार के आरोप का है।
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर गांजा बेचने की जानकारी थी, तो आबकारी विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की? अगर तलाशी में गांजा मिला था, तो जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने क्यों नहीं आई? ये आरोप पीड़ित पक्ष का है पर सच है क्या ये कौन बताएगा।
तो कौन ले रहा फिरकी
सवाल यह उठ रहा आखिर ये सब 2 नंबर का काम चल किसकी शह पर रहा, देर रात तक शहर के बार, पब, होटलों और शहर सीमा से लगे ढाबों में खुलेआम शराब पिलाने के इस खेल और कमाई का हिस्सा जा किनके किनके जेब मे पहुँच रहा …? क्योकि सहायक आयुक्त आबकारी तो शहर के शराब दुकानों से चखना दुकानों को बन्द कराने का दावा कर चुके है तो फिर पुराने बस स्टैंड , स्वदेशी और अन्य दुकानों के पास चखने की दुकानें बेखौफ ढंग से चल कैसे रही … ?
