
0 धरातल में सांय- सांय, हरियाली का दावा कागजो पर
0 बारिश खत्म … अब ये पौधे सूखते मरते पड़े है!
बिलासपुर,,, नगर निगम के पौधरोपण का हाल सुबह नेता जी ने पौधा लगाया… दोपहर बकरे ने पौधे को खा डाला… और शाम को नेता जी ने बकरे को टाइप का है! इसका जीता जागता उदाहरण पुराने मिशन हॉस्पिटल के पीछे नर्सरियों से लाकर डंप किए गए… ये पौधे है! जिनको हरित बिलासपुर, और एक पेड़ मां के नाम के लिए लाया गया था… बारिश खत्म हो गई… अब ये पौधे सूखते मरते पड़े है!

हर साल बारिश पूर्व पौधा रोपण के लिए बड़े बड़े दावे किए जाते है! लाखो रुपए खर्च करके पर्यावरण जागरूकता के नाम पर प्रचार- प्रसार और आयोजन किए जाते है! जिले भर के नर्सरियों से निगम के अमले और वाहनों के जरिये पौधे परिवहन कर मंगाए जाते है! ताकि इन्हें वसुंधरा में रोप कर धरती को हरा भरा बनाया जा सके… लेकिन ये तस्वीरें प्रशासन के इस दावे की नगीं सच्चाई को जाहिर कर रहे है! कुल मिलाकर पौधा रोपण के नाम पर कागजों में पेड़ लगाया जा रहा है! और आंकड़े भी पूरे कागजी है!
एक फिल्म अभिनेता का ये डायलॉग बड़ा मशहूर है…कि जब जंगलों में आग लगती है तो उन दरख्तों का हिसाब तो होता ही है जो धरातल पर खड़े है, पर उन दरख्तों का हिसाब किताब भी बिठा दिया जाता है! जो कभी थे ही नहीं… निगम और जिला प्रशासन का पेड़ लगाओ हरियाली लाओ और एक पेड़ मां के नाम भी पूरा कागजी ही निकला ऐसा कह सकते है…!
