
0 पुट्ठे करेंगे बारिश आबकारी महकमे की दिवाली होगी खालिस,
0 ऐन सुरहुत्ती (लक्ष्मी पूजा) के पहले बड़े डील की चर्चा जोरों पर
बिलासपुर / ऐन दिवाली के पहले दारू दुकानों में पिछले 6-7 माह से डंप पुट्ठों के सौदे की खबर है। दारू दुकान के कर्मचारियों के लिए संकट का सबब बने ये पुट्ठे अभी भी जंजाल लग रहे। उनका कहना है कि वे दारू बेचे या पुट्ठों की गिनाई करे क्योकि दुकानों में स्टाफ तक नही है। पहले ये पुट्ठे(पैकिंग काटून) किलो के भाव बिकते है पर इस बार प्रति नग के हिसाब से सौदा हुआ है। राजधानी रायपुर की फर्म लोकल कबाड़ कारोबारियो के माध्यम से खरीदी करा रहे है। इसको लेकर तरह तरह की चर्चा है लोग कह रहे कि इस बार की दिवाली ये पुट्ठे कराएंगे।
पर इस सौदे से न तो कबाड़ कारोबारी संतुष्ट है न शराब दुकानों के ठेका कर्मी। कबाड़ कारोबारियो के लिए जंजाल ये है कि कुछ दुकानों के ठेका स्टाफ ने बाला- बाला पुट्ठों को बेच डाला है गफलत का डर है, इसलिए वे एक- एक नग की गिनती करा लिखापढ़ी के साथ इन पुट्ठों को खरीद रहे है, ताकि हिसाब- किताब में कोई लफड़ा न हो। वही शराब दुकान के ठेका कर्मियों का कहना हॉ की एक तो ठेका फर्म और आबकारी महकमे ने कास्ट कटिंग के नाम पर पहले ही स्टाफ की कटौती कर रखा है, ऊपर से इस बार किलो के बजाय 1-1 नग की गिनती करनी पड़ रही है, स्टाफ है नही अब दिक्कत ये आ रही कि वे मदिरा प्रेमियों को दारू बेंचे या फिर पुट्ठों की गिनती कराये बड़ा मरना है, इधर गड़बड़ी हुई तो या उधर गड़बड़ी हुई तो जेब से तो उनके जाएगा।
पुट्ठों की दिवाली
कोई कुछ भी कहे लेकिन इस बार की दिवाली ये संकट बने पुट्ठे ही निबटायेंगे चर्चा इस बात की है कि इसी लिए पैकिंग से निकले पुट्ठों को जीव की तरह कमरों में ठूंस- ठूंस कर रखवाया गया था। निश्चित तौर पर दुकानों के अंदर भरे पुट्ठों को हटवाने से शराब के आने वाली नई खेप के लिए जगह तो बनेगी… ये राहत की बात है,,, पर अभी तो आफत उन्ही को झेलना पड़ रहा संकट ये है।
