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आमजन तो आमजन खनिज विभाग की कार्यप्रणाली और सरपरस्ती में चल रहे अंधाधुंध खनिज संसाधन की डकैती से सत्तासीन भाजपा जिलाध्यक्ष भी नाराज, चर्चा के लिए पूर्व सूचना के बाद भी उपसंचालक खनिज नदारद, कलेक्टर से की शिकायत

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बिलासपुर/ खनिज विभाग की कार्यप्रणाली और मनमानी से पब्लिक ही नही खुद सत्तासीन भाजपा के नेता भी खुश नही है। जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल ने उपसंचालक खनिज और उनके अमले पर बड़े रेत माफियाओं को खुली छूट देने और छोटे सप्लायरों के खाली ट्रैक्टर को पकड़कर खानापूर्ति करने की शिकायत कलेक्टर से की है। इतना ही नही उन्होंने चर्चा के लिए पूर्व सूचना देने के बाद भी कार्यालय से उपसंचालक और जिम्मेदार मातहतों के नदारद रहने का आरोप भी लगाया है।
जिला भाजपा अध्यक्ष मोहित जायसवाल ने बताया कि उन्होंने इसी मुद्दे पर चर्चा के लिए उपसंचालक खनिज से चर्चा के लिए समय लिया था, पर वे जब अपने साथियों के साथ खनिज विभाग के दफ्तर पहुँचे तो उपसंचालक केके गोलघाटे और उनके जिम्मेदार मातहत नदारद मिले, इसके बाद उन्होंने कलेक्टर के समक्ष पूरे मामले की शिकायत की।


ये है शिकायत


जिलाध्यक्ष श्री जायसवाल ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर को पूरे मामले से अवगत कराते हुए बताया कि वे ग्रामीणों के साथ कई बार बेलगहना, खोंगसरा, सोढा समेत कई घाटो से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायत कर चुके है, पर खनिज विभाग ने कोई कार्रवाई नही की, लगातार शिकायत के बाद जब अफसर मजबूरी में मौके पर पहुंचे भी तो पोकलेन लगाकर हाइवा भरवा रहे रेत माफिया और उनकी गाड़ियों को पकड़ने के बजाय गांव में चल रहे शासकीय योजनाओं के लिए रेत लेने पहुँचे खाली ट्रैक्टरों को पकड़कर वाहवाहो लूटी, जबकि वही पोकलेन से हाइवा भर रहे थे उन पर कोई कार्रवाई नही की।
अभी तक मीडिया की खबरों पर पल्ला झाड़ने वाले जिम्मेदार अफसरो की आंख अब शायद खुले और खाली ट्रैक्टरों को पकड़ने के बजाय बड़े माफियाओं पर हाथ डालने की हिम्मत जुटाए, क्योकि इस बार सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष ने इसके लिए आवाज़ उठाई है…

किसकी सह पर नँगा नाच

पब्लिक हतप्रभ है और कह रहे कि पहले मीडिया की खबरों पर सरकार के जिम्मेदार अफसर त्वरित एक्शन लेते थे, पर पता नही अब क्या हो गया रोज बड़े बड़े गड़बड़ घोटाले, मनमानी और भ्र्ष्टाचार की खबरे आ रही पर किसी के कान में जूं तक नही रेंग रही… लोग पूछ रहे कि आखिर हो क्या रहा इनको किसकी सह है।

तो ये है हाल…

सीजीडीएनए ने हमेशा की तरह इन आरोपों पर चर्चा और पक्ष लेने के लिए उपसंचालक खनिज केके गोलघाटे को कॉल कर उनसे संपर्क का प्रयास किया परन्तु उन्होंने कॉल ही रिसीव नही किया, या कहे करते ही नही अब ऐसे में यदि अंचलवासी अवैध उत्खनन से सरकार को हो रही करोड़ो के राजस्व की क्षति

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