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क्या बिलासपुर आकर करोड़ो का इंटीग्रेटेड ट्रफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी हो गया बीमार? उठ रहे सवाल कि जब यूपी के वकील साहब की कार ने बिलासपुर की सड़कों पर चक्का तक नही रखा तो कैसे कट गया ई- चालान

0 पहले भी जिस बाइक धारक को कार का चालान भेजने का मामला आ चुका है सामने

0  शहर की तीसरी आंख को लगा कौन सा रोग, कि भारी भरकम और गलत चालान देख संकट में पड़ जा रहे लोग

बिलासपुर.। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के आईटीएमस सिस्टम की एक बार फिर बड़ी चूक सामने आई है। इस बार यूपी के एक ऐसे वकील साहब को ऑनलाइन चालान भेज दिया गया, जो न खुद बिलासपुर आये न उनकी गाड़ी आई। आइसा पहले भी हो चुका है, इससे पहले जिस कार का चालान भेजा गया था वो बाइक का निकला, पुराने लाइसेंस को बदलकर चिप वाला लाइसेंस की अनिवार्यता का डंडा चलाया गया, अब हाईसिक्योरिटी नम्बर प्लेट का फंडा चला वाहनधारको से पैसा वसूला जा रहा, बड़े बड़े सुरक्षा के दावे किए जा रहे और ऐसे चौकाने वाले खबरें आ रही। लोग कह रहे कि ई है बिलासपुर नगरिया तू देख बबुआ, करोड़ो की योजनाएं जमीन में दफन हो गई कई खण्डहर हो गए अब करोड़ो के इंटीग्रेटेड ट्रफिक मैनेजमेंट सिस्टम का भी ऐसा ही हस्र हो रहा।

अब ये भी जान लीजिए कि हंगामा हैं क्यु बरपा

दरअसल मामला ये है कि उत्तर प्रदेश गोरखपुर के एक अधिवक्ता को ऑनलाइन चालान भेज गया,
इस ऑनलाइन चालान को देखकर अधिवक्ता भी असमंजस में पड़ गए क्योकि उनकी कार कभी बिलासपुर आई ही नहीं, फिर भी उन्हें ट्रैफिक नियम उल्लंघन का नोटिस टिका दिया गया. पहले तो उन्होंने जुर्माना भरने सोचा फिर फर्जीवाड़े के सदेह में उन्होंने सीधे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत भेज दी

सीएम सचिवालय ने बिलासपुर एसएसपी को काल कर जवाब तलब किया। मामले के मुख्यमंत्री तक पहुचने और तस्दीक के लिए आये कॉल ने न सिर्फ करोड़ो के आईटीएमस सिस्टम और ट्रैफिक विभाग की खामियों को खोलक सामने ला दिया।
अब सवाल यह उठ रहा कि ये तकनीकी चूक है जिसके कारण ब्लक में यूपी के वकील साहब का चालान कट गया, या यूपी और बिलासपुर की सड़कों पर एक ही नम्बर की दो कारें दौड़ रही है।
क्योकि गोरखपुर के शाहपुर इलाके के अधिवक्ता नवीन कुमार सिंघानिया की कार का नम्बर यूपी 53 ईएन 1053 है, जो गोरखपुर क्षेत्रीय जिला परिवहन कार्यालय से पंजीकृत है। गत 30 मई की सुबह उनके मोबाइल पर 800 रुपये के ट्रैफिक चालान का एसएमएस आया, अधिवक्ता ने लिंक पर क्लिक किया तो पता चला कि यह चालान छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से जारी हुआ है, वे हैरान रह गए, उन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम 11 बिंदुओं में शिकायत पोस्ट के माध्यम से भेज पूरे मामले की जानकारी से अवगत कराया।

रायपुर पुलिस कर रही जांच


बताया जा रहा कि सीएम कार्यालय ने इस ब्लंडर मामले की जांच का जिम्मा रायपुर के ट्रफिक पुलिस को सौप दिया है, अब राजधानी रायपुर की टीम सभी पहलुओं की जांच कर पता लगाएगा की आखिर माजरा है क्या? ऐसे कैसे हो गया।

रामगोपाल करियारे, एडिशनल एसपी यातायात पुलिस बिलासपुर

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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