
बिलासपुर । शासकीय सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, कोनी में जिला प्रशासन के सहयोग से 3 एवं 4 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय स्पाइन सर्जरी शिविर के अंतर्गत जटिल एवं अत्यंत गंभीर मामलों में सफल सर्जरी कर चिकित्सकों की टीम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस शिविर में मुम्बई से आए विशेषज्ञ स्पाइन सर्जनों के सहयोग से गंभीर मरीजों का उपचार किया गया।
शिविर के दूसरे दिन शनिवार को 3 मरीजों के अत्यंत क्रिटिकल एवं जटिल स्पाइन ऑपरेशन किए गए। विशेषज्ञों के अनुसार इन मरीजों की स्थिति काफी जटिल थी, जिनमें रीढ़ की हड्डी से संबंधित गंभीर विकृतियां एवं न्यूरोलॉजिकल समस्याएं शामिल थीं। प्रत्येक सर्जरी में लगभग 4 से 5 घंटे का समय लगा। जिसमें उच्च स्तरीय तकनीक, सटीक योजना एवं अनुभवी टीमवर्क की सहभागिता रही । स्पाइन के टेढ़े मेढ़े ऑपेरशन के लिए न्यूरो मॉनीटिरिंग करने एक विशेष मशीन स्पाइन फाउंडेशन द्वारा लाया गया। डॉ शेखर भोजराज ने बताया कि बिलासपुर के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में काम करने की अपार संभावनाएं हैं और इसे न्यूरो सर्जरी का स्टेट ऑफ आर्ट सेन्टर बनाने के लिए जरूरी निर्देश चिकित्सा अधीक्षक को दिये।

सर्जरी से पूर्व सभी मरीजों की विस्तृत जांच—सीटी स्कैन, एमआरआई एवं अन्य आवश्यक परीक्षण—कर उनके अनुरूप उपचार योजना तैयार की गई। वहीं, कुछ ऐसे मरीज भी सामने आए जिनमें सर्जरी जटिल संरचनात्मक कारणों के चलते संभव नहीं थी। ऐसे मरीजों एवं उनके परिजनों की विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत काउंसिलिंग की गई तथा उन्हें वैकल्पिक उपचार एवं जीवनशैली प्रबंधन के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर शासकीय सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी. पी. सिंह ने बताया कि इस प्रकार के सुपरस्पेशलिटी स्पाइन सर्जरी कैम्प भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि अगला स्पाइन सर्जरी कैम्प लगभग 3 से 4 महीनों के अंतराल में नियमीत रूप से आयोजित करने की योजना है, जिससे प्रदेश के अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिल सके।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मुम्बई से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से क्षेत्र के मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने शिविर में आए सभी मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की तथा इस प्रकार की पहल को जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया।
इस कैम्प के माध्यम से यह महत्वपूर्ण संदेश भी दिया जा रहा है कि रीढ़ की हड्डी से संबंधित जन्मजात विकृतियां तथा दुर्घटनाओं के कारण उत्पन्न विकलांगता का आधुनिक चिकित्सा तकनीकों द्वारा सफल उपचार संभव है। समय पर जांच, सही परामर्श एवं विशेषज्ञों द्वारा सर्जरी के माध्यम से कई गंभीर मामलों में मरीजों को पुनः सामान्य जीवन की ओर लौटाया जा सकता है।
अस्पताल में कार्यरत विशेषज्ञों एवं सिम्स के चिकित्सकीय टीम के समन्वय से यह अस्पताल अब प्रदेश में उन्नत स्पाइन उपचार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को लंबे समय से कमर दर्द, हाथ-पैरों में कमजोरी, सुन्नता, चलने में कठिनाई या जन्मजात रीढ़ की समस्या है, तो सिम्स मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को संचालित स्पाइन क्लिनिक में अवश्य परामर्श लें।
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