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…जय हो जय हो सरकार की…, सरकारी अस्पतालों में न जरूरी इंजेक्शन न दवाई, सुशासन की दुहाई

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बिलासपुर/ तो क्या स्वास्थ्य विभाग की सारी योजनाएं पोस्टर- बैनर पर चल रही,,, क्योकि सरकारी अस्पतालों में टिटनेस का इंजेक्शन, सिरिंज, कैल्शियम की गोलियां, ओआरएस, ग्लब्स, अंतरा इंजेक्शन कुछ भी तो नही है…

हालए लिंगियाडीह स्वास्थ्य केंद्र सीजीडीएनए की टीम ने शुक्रवार को लिंगियाडीह शहरी स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया, अस्पताल में मरीजो की अच्छी खासी भीड़ दिखी लेकिन दवाइयो का टोटा खुलकर सामने आ गया। दवा वितरण कक्ष में चर्चा करने पर पता चला कि यहाँ टेटनेस टॉकसाइड, सिरिंज, ओआरएस घोल का पैकेट, ग्लब्स ही नही है, वही रैबीज का टीका भी कम आ रहा है।

इंजेक्शन लगवाओ, डस्टबिन उठाओ

दवाइयों की अनप्लब्धता के लिए चिकित्सक कतई जिम्मेदार नही है, क्योकि दवाओं की सप्लाई का काम शासन ने राज्य स्तर पर सीजीएमएससी को दे रखा है। पर एक पीड़ित जब टेटनेस का इंजेक्शन और सिरिंज इसी स्वास्थ्य केंद्र के सामने मेडिकल स्टोर्स से लेकर पहुँचा तो ड्यूटीरत डॉक्टर ने पहले तो लगाने में आनाकानी की फिर चाबी से एमपुल तोड़ने के लिए मरीज को ओपीडी के कोने में रखा डस्टबिन उठाकर लाने कहा… ये हालात है।

चोचले पर पब्लिक को भरोसा ही नही

इस अस्पताल के खिड़की से एक बोर्ड झांक रहा जिसमे इस अस्पताल में सारी सेवाएं मुफ्त लिखा है…

अस्पताल के गेट के बगल में एक शिकायत एवं सुझाव पेटी टांगी गई है
जिसमे पेटी खुलने का समय प्रत्येक सप्ताह के भीतर तथा शिकायत एवं सुझाव का निराकरण कर हितग्राही से संपर्क कर सुचित किया जायेगा

निराकरण अधिकारी

चिकित्सा अधिकारी

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लिंगियाडीह

संपर्क नं.- 7389271445
लिखा है पर पति में एक भी शिकायती पत्र नही है, क्योकि सब को पता है कि होना जाना तो कुछ है नही।

राजकिशोर नगर शहरी स्वास्थ्य केंद्र

सीजीडीएनए की टीम ने राजकिशोर नगर शहरी स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया तो यहांगेट पर ही गड्ढा हालात वही नज़र आया,,,

यहाँ भी ओआरएस घोल, दो बच्चों में गेप के लिए अंतरा इंजेक्शन, गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाले कैल्शियम के टेबलेट, सिरिंज और टिटनेस के इंजेक्शन, ग्लब्स का टोटा होना बताया गया।
टीम ने यहाँ ड्यूटीरत प्रभारी डॉक्टर आकांक्षा झा से चर्चा का प्रयास किया परन्तु उन्होंने बाइट देने से मना कर दिया।

ये है जिम्मेदारों का हाल…

जिले में जवाबदेह अफसरो का रामराज है, सीजीएमएससी से सप्लाई के बाद भी दवाओं का टोटा क्यो है ये जानने के लिए टीम ने जिले भर के स्वास्थ्य सुविधाओं की मॉनिटरिंग करने वाले सीएमएचओ डॉ, शुभा गरेवाल से उनके मोबाइल नम्बर 91 75666 79767 पर कॉल कर चर्चा का प्रयास और उनके दफ्तर में भेंट कर चर्चा का प्रयास किया परन्तु उनसे चर्चा नही हो सका।

कौन कहा ये तक पता नही

सीजीडीएनए की टीम ने सीएमएचओ की गैरमौजूदगी में
डी एच ओ डॉ रक्षित से चर्चा की तो उन्हें विश्वास नही हुआ उन्होंने डॉ सिमरन गुम्बर को कॉल कर जानकारी ली जब हमने बताया कि राजकिशोर नगर शहरी स्वास्थ्य केंद्र में डॉ सिमरन नही बल्कि डॉ आकांक्षा है तो उन्होंने कहा कि नही डॉ आकांक्षा तो जिला हॉस्पिटल में है, राजकिशोर शहरी स्वास्थ्य केंद्र में तो प्रभारी डॉ सिमरन गुम्बर है।

तो क्या गर्मी के बाद आएगा ओआरएस

ओआरएस (ORS) का पूरा नाम ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन यह एक जीवनरक्षक घोल है जो पानी, चीनी (ग्लूकोज) और जरूरी लवणों (सोडियम और पोटेशियम) का सटीक मिश्रण होता है। यह शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को तुरंत ठीक करता है। गर्मी में
में ज्यादा पसीना आने के कारण शरीर से पानी के साथ-साथ जरूरी खनिज और नमक भी बाहर निकल जाते हैं। सादा पानी पीने से सिर्फ पानी की कमी पूरी होती है, लेकिन ओआरएस नमक और खनिजों की भरपाई भी करता है। गर्मी में इसकी ज्यादा जरूरत होती है,,, पर अस्पतालों में ओआरएस ही नही है।

डॉ रक्षित,डिस्ट्रिक हेल्थ अफसर बिलासपुर

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अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को इंडेंट भेजने पर दवाईयां भेजी जाती है, ग्लब्स और सिरिंज आ गए है भेजे जा रहे, रैबीज के वैक्सीन की आवक कम है जहाँ तक ओआरएस की बात है तो वो नही है मंगाया गया है जल्द आने पर अस्पतालों में सप्लाई की जाएगी।

सुनीता सिंह

सीजीएमएससी, बिलासपुर

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