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सुशासन और महिला सशक्तिकरण, एसपी ऑफिस में रविना का करुण क्रंदन, आरोप कुछ, एफआईआर में कुछ ऊपर से डहुरा देने के बाद रिपोर्ट लिखने का तोहमत, मामला मल्हार पुलिस सहायता केंद्र का…

0 तपती दुपहरी में दुधमुहे बच्चे को गोद मे लेकर शिकायत करने पहुँची एसपी ऑफिस

0 फफककर रो पड़ी कहा सवाल मेरे बच्चों के भविष्य का है

बिलासपुर / सुशासन तिहार चल रहा, महिला सुरक्षा, महिला सम्बन्धी अपराध पर नियंत्रण, महतारी वंदन और महिला सशक्तिकरण के बड़े- बड़े दावे किये जा रहे, पर इन दावों की असल हकीकत क्या है आप भी जान लीजिए, दुधमुहे बच्चे को तपती दुपहरी में कंधे पर लेकर मल्हार से गुहार लगाने एसपी ऑफिस पहुची पीड़िता रविना मिर्झा का आरोप है कि मल्हार पुलिस सहायता केंद्र में
रिपोर्ट लिखवाने के लिए 4 हजार गिनने पड़े, तब कही शून्य में अपराध दर्ज कर मस्तूरी थाने भेजा गया,,,पर कार्रवाई कुछ नही की गई। वह कई दिन से एसपी ऑफिस और महिला थाने के चक्कर काट रही…

ये है एफआईआर मैं पुलिस सहायता केन्द्र मल्हार में आरक्षक 959 जयशंकर साहू अंगरक्षक के पद पर कार्यरत हूं कि आज दिनांक 03.04.2026 को चौकी प्रभारी द्वारा बिना नंबरी अपराध क्रमांक 00/2026 धारा 296, 115(2), 351 (3) BNS का नंबरी कराने दिया है जिसे पेश करता हूं नंबरी अपराध किया जाये देहांती नालसी नकल जैल है मैं (रविना मिर्झा ) ग्राम सेलर थाना सीपत का रहने वाली हूँ कि रोजी मजदूरी का काम करती हूँ। मेरी शादी मल्हार के शंकर मिर्झा से हुई है। कि मेरा पति शंकर मिर्झा किसी अन्य लड़की से बातचीत करता है। जिसे मैं बातचीत करने से मना करती हूँ तो मेरे साथ भी गाली गुप्तार लड़ाई झगड़ा करता है। जिसको समझाने के लिए मेरे पिता राम कुमार व यशवंत दिनांक 03.04.2026 के दोपहर करीब 12.30 बजे मल्हार आकर मेरे पति शंकर मिर्झा को समझा रहे थे। तो वह गुस्सा होकर मेरे पिता व भाई को अश्लील गाली गुप्तार करने लगा जिसे गाली गुप्तार करने से मना किये तो व मेरे को हाथ मुकका झापड़ से मारपीट करने लगा घटना को देखकर मेरे पिता व भाई यशवंत बीच बचाव करने आया तो यशवंत को भी आाथ मुक्का से मारपीट करने लगा तथा घ्र से डण्डा निकाल कर बोला कि अपनी लड़की को लेकर जाओं नहीं तो जान से मार दुगा की धमकी देने लगा घटना को आस पास के लोग देखे एवं सुने हैं। रिपोर्ट मेरे बताये अनुसार लिखी गयी है। मैं अपनी रिपोर्ट पढ़कर देखी एवं सुनी हूँ। कार्यपाठी की जायें।

एफआईआर में दहेज नही दहेज के जिक्र

इधर सीजीडीएनए को दिए गए बयान में पीड़िता का कहना है कि 4-5 साल पहले उसकी शादी शंकर से हुई, उनके 2 बच्चे है, पिछले दो माह से उसका पति दहेज के लिए  गाली गलौच मारपीट कर रहा, उसके मायके वालों को भी कॉल कर गाली गलौच कर रहा,
मल्हार पुलिस चौकी में शिकायत की तो 10 हजार की मांग की गई, पिता ने दूसरे से 4000 रुपये लेकर दिए तब उसकी रिपोर्ट लिखी गई, पर कार्रवाई नही की गई, एसपी ऑफिस में शिकायत की तब उसे एक बच्चे को दिलाया गया, कोई कार्रवाई नही हो रही, उसे कभी एसपी ऑफिस से महिला थाना तो कभी एसपी ऑफिस भेजा जा रहा।

मेरे बच्चों के भविष्य का सवाल है,,, फफककर रो पड़ी

तपती दुपहरी में एसपी ऑफिस के गेट के सामने धूप से बचने दुधमुहे बच्चे को गोद मे लेकर पेड़ के नीचे चबूतरे के पाश खड़ी रविना ने कहा कि मैं कार्रवाई चाहत हव मोर बच्चा मन के भविस के सवाल है कहते फफककर रोने लगी,,,

सुनिए वह क्या कह रही है-

पीड़िता, रविना

सच है क्या

सवाल यह उठ रहा कि एफआईआर, शिकायत और मीडिया को दिये गए बयान में इतना विरोधाभाष क्यो है, फिर सच है क्या इन आरोपो की जांच होनी चाहिए,,, ताकि हकीकत है क्या ये सामने आ सके…

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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