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चरमराई बिजलीं व्यवस्था को लेकर चेयरमेन ने भी छुआया करंट, मैनपॉवर की मांग के बावजूद मूल समस्या की फिर अनदेखी, अधोसंरचना के लिए 10 करोड़ और दो नए जोन की स्थापना को मंजूरी …

0 न्यायधानी के बिजलीं संकट का राजधानी तक हल्ला, अब चेयरमेन को लेनी पड़ी अफसरो की क्लास

0पूछा छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा दिक्कत बिलासपुर में  ही क्यों

0 बैठकों और चकौवल से नही होगा संकट का हल करनी होगी नई भर्ती

0 अफसरो ने फिर स्टाफ का टोटा बता की मेन पावर की मांग

0 मांगा स्टाफ, अधोसंरचना के लिए 10 करोड़ और मंगला कोनी में नए जोन को दी मंजूरी

बिलासपुर / न्यायधानी बिलासपुर की चरमराई विद्युत व्यवस्था का हल्ला राजधानी रायपुर तक है। नतीजतन इस बार शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के चेयरमैन सुबोध सिंह को अफसरो से कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से क्लास लेकर पूछनी पड़ी कि आखिर पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे खराब बिजली व्यवस्था बिलासपुर की ही क्यों है? इससे पहले नगर विधायक, केंद्रीय राज्यमंत्री तक अपना रोल निभा चुके। संकट शहर बढ़ने और स्टाफ के साढ़े 13 हजार से हटकर 5 हजार तक पहुँचने का है जिसे वे जाहिर भी कर चुके है, पर मूल कारण पर फोकस कर मेन पावर बढाने के बजाय बैठकों और चेतावनी का करंट भरा जा रहा।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभी जोन के सहायक अभियंता (एई) और कनिष्ठ अभियंता (जेई) मौजूद रहे। चेयरमैन ने वरिष्ठ अधिकारियो से लेकर जमीनी स्तर पर काम कर रहे एई और जेई से स्थिति की जानकारी ली।

अधिकारियों ने फिर बताया कि विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है, ऊपर से संविदा कर्मचारी हड़ताल के पर है, एक दिन में 600-700 शिकायते आरही लाइनमैन के टोंटे के चलते काम प्रभावित हो रहा ।

मंगला- कोनी में नए जोन…10 करोड़ अधोसंरचना के लिए

चेयरमैन ने मंगला और कोनी क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए दोनों जगह नए बिजली जोन स्थापित करने और बिजली अधोसंरचना को मजबूत बनाने 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।

स्काई लिफ्ट खरीदने निर्देश

बैठक में पेड़ों की समय पर छंटाई और बिजली लाइनों के रखरखाव को बेहतर बनाने नई स्काई लिफ्ट मशीन खरीदने की भी मंजूरी दे गई।


ये रहे मौजूद

बैठक में कार्यपालन निदेशक ए. के. अम्बस्थ, अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े, आर.के. झा, कार्यपालन अभियंता अनुपम सरकार, बी.बी. नेताम, हेमंत चंद्रा, मिलिंद पाण्डेय सहित सभी जोन के अधिकारी मौजूद रहे।

हाईकोर्ट भी नाराज

गौरतलब है कि दो दिन पहले खराब बिजली व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने भी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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