
बिलासपुर,,, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने जिला शिक्षा विभाग अधिकारी, बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर S.S Public School (खमतराई एवं बेमा-नगोई शाखा) में शिक्षा विभाग के नियमों के कथित उल्लंघन, अवैध शुल्क वसूली एवं अन्य गंभीर अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है!


रंजेश सिंह ने बताया… कि इस पूरे मामले को लेकर पूर्व में शिकायत किए जाने के बाद जिला शिक्षा विभाग द्वारा जांच समिति का गठन किया गया था… किंतु समिति गठन के काफी समय बाद भी आज तक प्रभावी जांच एवं कार्रवाई नहीं होने के कारण विद्यालय प्रबंधन के हौसले बुलंद हैं! और कथित अनियमितताएं तथा आर्थिक शोषण का सिलसिला धड़ल्ले से जारी है! उन्होंने आरोप लगाया… कि कार्रवाई में हो रही देरी का खामियाजा सीधे अभिभावकों और विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है!

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है! कि विद्यालय द्वारा निर्धारित 12 माह की नियमित फीस के अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष “टर्म फीस” के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है! जो शिक्षा विभाग के नियमों के विपरीत प्रतीत होती है! इसके अलावा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर विद्यालय परिसर अथवा विद्यालय के भीतर ही ड्रेस, पुस्तकें एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने का दबाव बनाया जाता है! कैंपस के अंदर ही मिलता सारा सामग्री अब समझ नहीं आता स्कूल है! या उद्योग भवन इसके अलावा ऊपर कि बिल्डिंग को किराये पर दिया गया है! जिसका बाकायदा बोर्ड भी लगा है! और तो और वसूली का ऐसा पैतरा कि डेट आते ही फीस नहीं पटाये तो पर डे के हिसाब से 10 रूपये लेट फीस शिक्षा विभाग कि मुंह पर तमाचा है! जिसकी नोटिस बाकायदा नोटिस बोर्ड मद पर लगा हुआ है! निगम पाठ्यपुस्तक के बुक को ठेंगा प्राइवेट पब्लिकेशन कि खुद बेच रहें… बुक, जिससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ता है!

NSUI ने यह भी आरोप लगाया… कि विद्यालय की खमतराई शाखा में विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान उपलब्ध नहीं है! पर्याप्त स्टॉफ और अनिवार्य अहर्ता वाले शिक्षक टस्क नहीं प्राचार्य कि नियुक्ति सिर्फ पेपर में आज तक नहीं आयी स्कूल जिसकी पुस्टि CCTVI कि जांच से हो जाएगी… वही खेल के संबंध में सरकार का मानना है! कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेल सुविधाएं भी आवश्यक हैं!

इसके अतिरिक्त विद्यालय भवन के ऊपरी हिस्से को किराये पर दिए जाने संबंधी शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है! ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विद्यालय शिक्षा विभाग के निर्धारित मानकों एवं नियमों का पालन कर रहा है या नहीं…
रंजेश सिंह ने कहा कि यदि शिकायतों में सत्यता पाई जाती है! तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए… ताकि भविष्य में कोई भी निजी विद्यालय विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का आर्थिक शोषण करने का साहस न कर सके…

उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवा का माध्यम है! व्यापार का नहीं…. यदि जांच समिति के गठन के बाद भी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती है! और नियमों के उल्लंघन के बावजूद विद्यालयों को खुली छूट मिलती है! तो इससे पूरे शिक्षा तंत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं! NSUI ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है!कि गठित जांच समिति से शीघ्र जांच पूर्ण कराकर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए… तथा दोषी पाए जाने पर विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए… साथ ही अवैध रूप से वसूली गई…

राशि की भी जांच कर अभिभावकों को राहत प्रदान की जाए… अंत में रंजेश सिंह ने कहा कि NSUI विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत है! यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है! तो संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की होगी…
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