

0 कहा दोनो तरफ से पड़ रही दनादन मार

0 मेयर कह रहे नही देंगे रकम, ठेकेदार और उनके साथियों ने किया जान से मारने का प्रयास
0 कहा 1 करोड़ 15 लाख का फर्जी एग्रीमेंट करा लिखवा ली दुकान
बिलासपुर/ न्यायधानी के नगर निगम के पूर्व महापौर रामशरण यादव पर निगम के ही सम्पदा अधिकारी राजेश देवांगन ने MIC मे टेंडर पास कराने के एवज में 1 करोड़ 15 लाख रुपये लेने का ग़म्भीर आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की है।,राजेश का कहना है कि
काम पर रोक लगने के कारण ठेकेदार उनसे रकम मांग रहे और वे पूर्व मेयर से। इज़के चलते ठेकेदार उनसे गाली गलौच मारपीट कर रहे है, उन लोगो ने उनके ऊपर जानलेवा हमला भी किया।
ताज्जुब की बात यह है कि ये शिकायत 9 फ़रवरी 2026 की है, जिस पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का ठप्पा लगा है। अब सवाल यह उठ रहा कि ये पत्र 4 महीने 20 दिन बाद अचानक कैसे शोषल मीडिया में वायरल हो रहा है, और दूसरा ये कि आखिर पुलिस ने इन 4 महीने 20 दिन में क्या किया, इसे दबाकर क्यो रखा गया, क्या केवल कानून के हाथ चैतू – बैशाखू तक पहुचने के लिए है, बड़े लोगो पर जोर नही चलता।

ये है शिकायत, ये है मामला
एसएसपी के नाम की गई लिखित शिकायत में राजेश ने कहा है कि कुछ महिने पूर्व गणेश ट्रेडर्स के मोनू अग्रवाल को नगर निगम से एक टेन्डर मिला था, जिनको टैन्डर मिला उनको लेकर वे मुकेश पाठक के पास गए क्योकि उस समय मुकेश का रामशरण से संबंध अच्छा था। टेन्डर को MIC मे पास करवाने के लिए उन्होंने उस समय महापौर रहेरामशरण यादव से मिलवाया।
राजेश का आरोप है कि उनके सामने बंगले में टेंडर को MIC में पास करवाने के एवज में लेनदेन की बात हुई, महापौर को दो बार 50 – 50 लाख फिर 12 लाख यानि कुल 1 करोड 12 लाख दिए, इसके बाद तत्कालीन महापौर के काल करके कहने पर एक दिन 3 लाख मुकेश पाठक के हाथ भेजा। 4 किश्त में 1 करोड़ 15 लाख का भुगतान होने के बाद टेंडर तो Mic से पास हो गया पर तत्कालीन कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने सन्देह होने पर
टेन्डर पर रोक लगा दी। राजेश ने बताया कि मामला हाईकोर्ट में लंबित है, राजेश का आरोप है कि गणेश ट्रेडर्स, मोनू राजा, शरद और अखिलेश ने कई बार उन्हें ऑफिस में बुलाकर धमकाया गाली गलौच किया कि इतना इतना पैसा है वापस लाओ, नहीं तो काट कर कही फेकवा देंगे । आरोप ये भी है कि राजा अग्रवाल द्वारा कांच की बोतल को फोड कर उनका गला काटने की कोशिश की गई उन्हें जान बचा के भागना पड़ा।
राजेश का कहना है कि उन्होंने कई बार पूर्व महापौर रामशरण यादव से आग्रह किया कि उनका पैसा वापस कर दीजिए तो उन्होंने नहीं दूंगा कहकर मना कर दिया और और उन्हें फंसा दिया। उनका कहना है कि अब लेनदार उन्हें परेशान कर रहे उन्हें बंधक बना कर उनके दुकान क्र. 01 को रजिस्ट्री करने डरा धमका जबरन हस्ताक्षर करवा अगूंठा भी लगवा फर्जी एग्रीमेंट करा लिए कि 1 करोड 15 लाख नगद दे दिये ।
पब्लिक को शतप्रतिशत मतदान
प्रशासन चुनाव के समय शतप्रतिशत मतदान के लिए जागरूकता अभियान चलाते है। पब्लिक लंबी कतारों में खड़े होकर धूप ताप सहकर मतदान करते है ताकि नई सरकार उनके लिए उनके हित मे काम करेगी, मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी, उनके चुने नेता है कि पहली बार बंगला, गाड़ी के लिए करते है फिर आगे होता कहा है ये भी सब जानते है, और अब तो नगर निगम की MIC में टेंडर पास कराने का फार्मूला भी जगजाहिर हो गया। इसका वीडियो ऑडियो भी सामने आने की बात कही जा रही।
और ये सेकेंड ट्रिप
तत्कालीन मेयर रामशरण यादव का इस तरह का ये दूसरा मामला है। इससे पहले गत नवंबर 2023 में ऐंन छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले भी उनका एक कथित ऑडियो खूब वायरल हुआ था, जिसमे कांग्रेस पार्टी के अंदर टिकट के लिए करोड़ों रुपये के लेन-देन और बड़े नेताओं का नाम लेने, दो नेताओ की बातचीत रिकॉर्ड थी। इस ऑडियो के वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने महापौर रामशरण यादव को पार्टी से निलंबित कर दिया था।
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ये अभी का नही पुराना मामला है और राजेश देवांगन नही जांजगीर – चाम्पा के किसी अमित या अमिताभ तिवारी से जुड़ा मामला है, उन्होंने पहले सूचना के अधिकार का आवेदन लगाया, हित नही सधा तो शिकायत कराई, पुलिस ने उस समय मामले में बयान तक ले लिया,मामला जमीन बिक्री का है इज़के लिए टेंडर निकाल प्रक्रिया की गई, एमआईसी और सामान्य सभा से पारित हुआ, फिर कलेक्टर ने प्रक्रिया में त्रुटि होने पर रोक दिया, सवाल यह उठ रहा कि जब जमीन बिकी ही नही तो एमाउंट के लेनदेन की बात कहा से आ गई।
रामशरण यादव
पूर्व मेयर, नगर निगम बिलासपुर



