
0 मामला श्री राम केयर हॉस्पिटल में कर्ण (कान) रोग से पीड़ित मरीज के मौत का
0 विपक्ष भी अपोलो और निजी अस्पतालों पर क्यो मौन…?
बिलासपुर/ न्यायधानी में सिम्स, जिला और सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के होने के बाद भी अंचल के लोग चिकित्सा के नाम पर किस कदर खून के आंसू रो रहे। कैसे बड़े- बड़े दावे के साथ शुरू हुए ये अस्पताल खुद बीमार है और कैसे मरीजो को फुटबॉल बना निजी अस्पतालों में भेज रहे, नेहरू नगर के श्री राम केयर हॉस्पिटल में कर्ण (कान)रोग से पीड़ित सुखन बाई की मौत इसकी बानगी है। मरीज के परिजनों ने तो सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर पर दलाली और सिम्स प्रबंधन की नाकामी को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिये है।
सवाल यह उठ रहा कि आखिर ये अस्पताल है किस काम के और उन बड़े- बड़े दावों और चरण क्या हुआ जो उद्घाटन के दौरान ।मंत्री नेताओ ने किये गए थे…?
ये है मामला
मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम ठाकुर देवा निवासी दुर्गेश कुमार साहू के मुताबिक कान में छेद का इलाज कराने वे लोग अपनी माँ सुखनबाई को सिम्स लेकर आये थे, सिम्स में ब्लड टेस्ट बीपी, शुगर, एक्सरे के बाद मरीज को इको टेस्ट और ईसीजी के लिए सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल भेजा गया, हृदय रोग विभाग में जांच के बाद डॉ अभिषेक ने हार्ट में पम्पिंग कम बता मरीज को इको टेस्ट और ईसीजी के लिए श्री राम केयर हॉस्पिटल भेज दिया, सवाल यह उठता है कि क्यों,,,? क्या सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल में इस जांच की सुविधा नही है, और यदि है तो फिर यहां के डॉक्टर अभिषेक कुमार ने मरीज को श्री राम केयर क्यो भेजा । परिजनों ने बताया कि डॉक्टर के कहने पर वे लोग मरीज को एंजियोग्राफी टेस्ट के लिए श्री राम केयर लेकर पहुँचे तो 19 हजार की मांग की गई जब उन्होंने बताया कि डॉ अभिषेक सर तो 10 हजार बोले तब ठीक है, कहकर दोपहर 1 बजे उनके मरीज को भर्ती लिया गया वे खुद चल के आई कुछ बीमार नही थी सीसीटीवी में सब कैद देखा जा सकता है,। उनके मरीज के कपड़े चेंज कराये गए, चाय बिस्किट दिए 15 मिनट पहले फिर जांच के लिए ले गए ब्लॉकेज बताए जान का जोखिम नही ये भी बताए थे, परिजनों ने मृत्यु के बाद सहमति पत्र में दस्तखत करान सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉ अभिषेक पर दलाली और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगा
जांच और कार्रवाई की मांग की !
उधर जांच का हुकारु, इधर CMHO ने पहले ही बता दिया 100 परसेंट ब्लॉकेज
CGDNA ने निजी अस्पतालों से इलाज में लापरवाही, अनाप शनाप बिलिंग और शव को बंधक बनाने के लगातार सामने आ रहे मामलों और इस पर रोक लगाने उठाये जा रहे कदम को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल से चर्चा की तो उन्होंने मामले के जांच की बात कही… उधर CMHO डॉ शुभा गरेवाल ने पहले ही मरीज की मौत 100 परसेंट ब्लोकेज के कारण होना बता जांच के आदेश पर ही सवाल खड़े कर दिए…!
दो साल बाद भी वीरान
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले (कोनी) में स्थित सिम्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान का सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक) का उद्घाटन 29 अक्टूबर 2024 (धनतेरस के दिन) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
द्वारा वर्चुअ माध्यम से कराया गया था।
उद्घाटन से जुड़ी मुख्य बातें और नेताओं के दावेः
लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत तैयार
240 बिस्तरों वाले इस 11 मंजिला हॉस्पिटल में आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित अन्य नेताओं ने इसे बिलासपुर और पूरे उत्तरी छत्तीसगढ़ के लिए एक ‘ऐतिहासिक सौगात’ बताते हुए दावा किया था कि इस अत्याधुनिक अस्पताल के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों या दूसरे राज्यो में नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगा।
जहा जहा पांव पड़े संतन के जैसे हालात
अस्पताल को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा था, कि यह अस्पताल तीन चरणों में प्रारंभ होगा। पहले चरण में ओपीडी, दूसरे चरण में वार्ड,आईसीसीयू, डायलिसिस यूनिट और तीसरे चरण में कैथ लैब, ओटी, हार्ट और लंग की मशीनें शुरू होगी और चौथे चरण में अस्पताल पूरी तरह तैयार होगा।
इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शुरू हो से सरगुजा और बिलासपुर संभाग के मरीजों क इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। पर चिकित्सा और इलाज के नाम पर हो क्या रहा पब्लिक सब देख और सुन रही है।
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