
बिलासपुर। छत्तीसगढ का लोकपर्व छेरछेरा शहर समेत अंचल भर में उत्साहपूर्वक मनाया गया। सुबह से बच्चे घरो के दरवाजे पर छेरछेरा कोठी के धान ल हेरते हेरा की आवाज लगा छेरछेरा मांगते रहे।


छेरछेरा त्यौहार हर साल पौष मास के पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है इसी दिन बच्चे इक्कठा होकर घर – घर जाकर धान मांगते है


और लोग अपने घरों से निकलकर बच्चो को अन्न का दान करते है. पुरातनकाल से से परम्परा लंबे समय से चली आ रही है।
छेरछेरा का पर्व नई फसल आने की ख़ुशी में मनाया जाता है. ग्रामीण क्षेत्र में जहां धान दान करते है वही को शहरी क्षेत्र में लोग पैसा और खाने पीने का सामान दान में देते।
शहर में जूना बिलासपुर, शनिचरी बाजार, चांटीडीह चिंगराजपारा राजकिशोर नगर समेत शहर के अन्य इलाकों में छेरछेरा का पर्व मनाया गया।
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