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अगस्त में चोरी, सितंबर में एफआईआर, अक्टूबर में लावारिस मिला नगर पालिक निगम का काऊ कैचर… तो मामला खत्म…?

0 उठ रहे सवाल जब 20-25 दिन धूमा में खड़ा था तो और कहां था पहले के एक माह

0 सख्ती से जाँच की दरकार तब रूकेगी स्थानीय निकाय के सम्पत्ति की चोरी

बिलासपुर ,,,, तोरवा थाने का अपराध क्रमांक 405/25 धारा 303 (2) B.N.S का प्रकरण कहा गए… कहूं नहीं… का लाय कुछु नहीं… टाइप हो गया… मामला 25 अगस्त 2025 को तोरवा मछली मार्केट के पीछे से नगर पालिक निगम के भारी भरकम काऊ कैचर के चोरी और 16 से 17 दिन बाद गत 11 सितम्बर को इसकी रिपोर्ट तोरवा थाने में दर्ज कराने व 25 दिन बाद गत 6 अक्टूबर 2025 को चोरी गए भकारी भरकम काऊ कैचर के धूमा के हाई स्कूल मैदान से लावारिस हालत में बरामदगी का है।

पूरा मामला पुलिस और नगर निगम निगम प्रशासन से जुड़ा है! पुलिस ने काऊ कैचर के लावारिस हालत में बरामद होने के बाद मामले को ही खात्मे में डाल दिया… वहीं नगर निगम प्रशासन ने भी मामले से पल्ला झाड़ लिया… जबकि पूरा मामला संदेह के दायरे में है!

CGDNA की टीम बुधवार 4 फरवरी 2026 को शहर से लगे ग्राम धूमा हाईस्कूल के उस मैदान पर पहुँची, जहां से तोरवा पुलिस द्वारा इस काऊ कैचर की बरामदगी बताई जा रही…ये उसी मैदान को तस्वीर है

धूमा हाईस्कूल का मैदान

जहाँ से काऊ कैचर की जब्ती दर्शाने की बात बताई जा रही, इस मैदान में सुबह से लेकर अंधेरा होने तक खिलाड़ियों और उसके बाद नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। इससे भी दिलचस्प बात यह है कि ग्रामीण बता रहे कि यहाँ काऊ कैचर 20-25 दिन तक खड़ा था, इसके बाद कहां गया पता नही। जिससे ये सवाल उठ रहा को जब काऊ कैचर यहां 20-25 दिन से खड़ी थी तो उससे पहले 1 महीने ये कहा थी…इससे जाहिर है कि इसे खपाने पूरी स्क्रिप्ट तय थी, मीडिया में खबरे आने के बाद जब तहलका मचा मामले ने तूल पकड़ा तब चोर इसे यहां छोड़ गए।इसको लेकर तरह तरह की चर्चा है! लोगो का कहना है! कि पुलिस प्रशासन यदि इसकी गंभीरता से जांच करे… तो इस बात का पता चल सकता है! कि आखिर निगम की संपत्ति को कौन कबाड़ के खेल में झोंक रहा है!
क्योंकि निगम के अफसरों पर पहले भी कबाड़ की चोरी और कबाड़ को बेचने का आरोप लगा चुका है ऐसा मामला भी सामने आ चुका है! चर्चा यह भी है! कि आखिर इतने बड़े काऊ कैचर को बेचेगा कौन इसमें विभागीय अमले की संलिप्तता का सन्देह है।

विष्णु प्रसाद पटेल, धूमा हाईस्कूल मैदान के पीछे

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