0 विधानसभा के निर्देश पर किये जा रही जांच में सामने आया झूठ
0 अब तक की जांच में सामने आये आधा दर्जन स्नेक बाइट स्कैम


बिलासपुर। न्यायधानी को नागलोक बनाने वाले दलालों का एक और कारनामा सामने आया है। इस मामले ने एक नही दो स्कैम की पोल खोलकर रख दी, एक तो अपोलो के कमाउपूत वेंटिलेटर की और दूसरी 176 लाशों के उन कफनचोरो की जिन्होंने अलग-अलग कारणों से मृत लोगो की मौत को सर्पदंश का प्रकरण बना सरकार को लाखों नही करोड़ो का चूना लगा डाला। ऐसा ही एक मामला लोयला स्कूल रोड राजीव विहार के साहू परिवार की गूँजमति देवी का है, इस परिवार को इसका पता तब चला जब तहसील कार्यालय का स्टाफ तस्दीक के लिए उनके ठिकाने पर पहुँचा।

राजीव विहार निवासी मनसुखलाल साहू ने बताया कि करीब 3 साल पहले गत 19 दिसंबर 2022 को सुबह उनकी पत्नी गूँजमति बाथरूम में गिरने से घायल हो गई, अपोलो में भर्ती कराने पर बताया गया कि गूंजमति को ब्रेनहेमरेज हुआ है, इज़के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, सन्देह होने पर साहू परिवार ने जब पूछताछ और जिद की तो अपोलो प्रबंधन ने 45 हजार जमा कराने के बाद गूंजमति को जब उनके सुपुर्द किया तो सन्देह सही निकलां गूंजमति की मौत हो चुकी थी। दूसरे दिन साहू परिवार ने गूँजमति का अंतिम संस्कार कर दिया, करीब 3 साल बाद तहसील के स्टाफ जब उनके राजीव विहार स्थित निवास पर पैसा मिला या नही तस्दीक करने पहुँचा तो साहू परिवार स्तब्ध रह गया, पता चला कि सर्पदंश से मौत होने पर बतौर क्लेम उनके नाम से 4 लाख रुपये आईडीबीआई बैंक से आहरित किया गया है, जहाँ उनका खाता तक नही है, यानि फर्जी खाता खोलकर…?
मनसुखलाल साहू, मृतिका के पति
बिल्कुल मैं इस बात का गवाह और प्रत्यक्षदर्शी हूँ, देवी गूँजमति की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई है न कि सर्पदंश से, मैं खुद उन्हें घायल अवस्था मे लेकर परिजनों के साथ अपोलो गया था…
*अश्वनी शर्मा, पड़ोसी, साहू परिवार*
विधानसभा तक मे गूंज चुका है मामला*
जशपुर के बाद कुछ दलालों द्वारा न्यायधानी बिलासपुर को नागलोक बनाकर सरकार को करोड़ो का चूना लगाने का ये मामला विधानसभा तक मे गूंज चुका है, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने इस मामले को विधानसभा में उठाकर जांच की मांग की थी, उनके इसी मांग के तहत बिलासपुर कलेक्टर को ऐसे संदिग्ध 176 प्रकरण जांच के लिए भेजे गए है, बिलासपुर तहसील में इनकी जांच की जा रही, अभी तक कि जांच में ऐसे 6 केस आये है, जिनकी मौत सर्पदंश से नही बल्कि अलग-अलग करणो से हुई है, जिन्हें सरकार को चूना लगाने के लिए स्नेक बाइट स्कैम किया गया है…।
इनकी मिलीभगत
इस पूरे मामले में कुछ अधिवक्ताओं, सिम्स चौकी के स्टाफ और सिम्स के कुछ अफसरों और कर्मचारियों के मिलीभगत की बात सामने आ रहा। बताया जा रहा कि एक पूरा संगठित गिरोह इसी काम मे लगा है, सबका हिस्सा बंटा है, ये स्कैम इतना बड़ा है कि यदि स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जांच कराई जाए तो कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे, पर है तो ये न्यायधानी ही बड़े- बड़े मामले दब गए इसका हस्र क्या कुछ होगा ये बड़ा सवाल है…।
फिर पकड़ाया दलाल
सिम्स में इलाज और जांच कराने से लेकर मौत के कारण बदलने दलाल सक्रिय है। बुधवार को
सिम्स के गार्ड ने निजी अस्पतालों से जुड़े एक दलाल को पकड़ा जो सस्ता और अच्छे इलाज” का दावा कर मरीज के परिजन को गुमराह कर रहा था। पकड़े गए आरोपी का नाम अभिषेक निर्मलकर बताया जा रहा जिसे सिटी कोतवाली पुलिस के सुपुर्द किया गया जिसे पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।
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हर दिन हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। दलालों की ऐसी हरकतें गंभीर अपराध हैं। प्रशासन ने सख्त निगरानी शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई होगी।
डॉ. लखन सिंह अधीक्षक, सिम्स
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