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प्लास्टिक मुक्त करने का… या नई करने का, कांच के बजाय 1 जून से प्लास्टिक के शीशी, बॉटल में शराब बेचने का ऐलान…

0 पहले भी 2019 में प्लास्टिक के शीशी, बोतलों में बेची गई थी शराब

0 अब टूटफूट, राजस्व का नुकसान रोकेने और मिलावट की चिंता

बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से नई आबकारी नीति के तहत सरकारी शराब दुकानों पर कांच के बजाय प्लास्टिक की बोतलों (PET बोतलों) में शराब बेचने का ऐलान किया है।

छत्तीसगढ़ में पहले भी शराब को प्लास्टिक बोतलों में बेचने का निर्णय लिया गया था। लेकिन दिसंबर 2019 में पर्यावरण को नुकसान और जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की चिंता हवाला दे प्लास्टिक के शीशी, बॉटल में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। तो क्या अब सरकार को प्रदेश में सर्वाधिक आय देने वाले मदिरा प्रेमियों के जनस्वास्थ्य की चिंता नही है…

अब टूटफूट, राजस्व का नुकसान रोकेने और मिलावट की चिंता

सरकार बदल गई, तो तर्क भी बदल गए, इस बार का तर्क ये है कि इससे परिवहन में होने वाले टूट-फूट से निजात मिलेगी, राजस्व का नुकसान रुकेगा और मिलावट की संभावना भी कम हो जाएगी, क्योंकि प्लास्टिक बोतलों के ढक्कन को खोलकर दोबारा सील करना कठिन है।

लेकिन एक तरफ प्लास्टिक मुक्त के दावे और दूसरी तरफ दुबारा प्लास्टिक बोतलों में शराब बेचने के सरकारी निर्णय से लोग हतप्रभ है कि प्लास्टिक मुक्त करने का… या फिर सरकारी ठेके से शराब के प्लास्टिक के शीशी बोतल खरीदकर खींचने का…

ये है दावे

0 31 मई 2026 तक शराब प्लास्टिक और कांच दोनों प्रकार की बोतलों में मिलेगी।

0 जून 2026 से केवल प्लास्टिक की बोतलों में शराब उपलब्ध होगी।

0 शराब में मिलावट को रोकने के लिए इस बार प्लास्टिक बोतल को आधार बनाया जा रहा है, दावा ये किया जा रहा है कि ये बोतलें रिसाइकिल करने में आसान होंगी…

टोंटा शराब का, मदिरा प्रेमी कह रहे गरीबी में आंटा गीला

इस निर्णय का असर यह है कि देशी शराब दुकानों में ताले लटक रहे, इसके चलते अंग्रेजी पर मदिरा प्रेमियों की निर्भरता बढ़ गई है, शराब दुकानों में रेलमपेल भीड़ मची है। उन्हें 80- 100 रुपये के देशी के बजाय अनमने मन से मजबूरी में 200- 250 का अंग्रेजी लेना पड़ रहा। क्योकि 120 और 160 वाला अंग्रेजी शराब भी गायब हो गया। जिससे मदिरा प्रेमियों का बजट भी गड़बड़ा गया है… अफवाफ पर पेट्रोल फूंककर एक से दूसरे भट्टी में दौड़ना पड़ रहा सो अलग…

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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