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बिलासपुर में राहत की पहल: बिलासपुर में 6 मई को सिकल सेल व थैलेसीमिया मरीजों के लिए फ्री जांच, महंगी HLA टेस्टिंग भी मुफ्त, अपोलो दिल्ली के विशेषज्ञ देंगे सलाह, गंभीर मरीजों को इलाज में मिलेगी लाखों की सहायता…

बिलासपुर,,,, सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया मेजर जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए उदय चिल्ड्रन हॉस्पिटल, बिलासपुर में 6 मई को एक विशेष निःशुल्क जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है! शिविर सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वेयरहाउस रोड स्थित अस्पताल परिसर में लगेगा… यह जानकारी डॉ राकेश साहू, डॉ अभिनव साहू, डॉ पी आर चौधरी और डॉ अशोक मेहता ने दी… डॉक्टरों की टीम ने बताया, कि इस शिविर में सिकल सेल और थैलेसीमिया मरीजों की निःशुल्क जांच के साथ विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा… खास बात यह है! कि मरीजों और उनके परिवार (भाई-बहन व माता-पिता) के लिए महंगी मानी जाने वाली H.L.A टाइपिंग जांच भी मुफ्त की जाएगी… जिसकी बाजार कीमत सामान्यतः 12 से 15 हजार रुपये होती है! इसके अलावा बोन मैरो ट्रांसप्लांट (B.M.T) से संबंधित मार्गदर्शन अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा दिया जाएगा…
शिविर में अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली के सीनियर कंसल्टेंट हेमेटो-ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. गौरव खारिया एवं उनकी टीम विशेष रूप से उपस्थित रहेगी…
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉक्टरों ने बताया… कि थैलेसीमिया मेजर के मरीजों का ऑपरेशन अपोलो दिल्ली में निःशुल्क संभव हो सकता है!सिकल सेल रोगियों को सरकारी योजनाओं के तहत 18–20 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है!
छत्तीसगढ़ में सिकल सेल एनीमिया एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। राज्य सरकार राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। अब तक 1.70 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। करीब 3.38 लाख लोग कैरियर (Trait) के रूप में चिन्हित हुए हैं।
27,600 से अधिक मरीजों में रोग की पुष्टि हुई है। एक करोड़ से अधिक जेनेटिक स्टेटस कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।

सिकल सेल रोग के उपचार में अब पारंपरिक दर्द प्रबंधन से आगे बढ़ते हुए हाइड्रॉक्सीयूरिया, क्रिज़ानलिज़ुमैब, वोसेलोटोर जैसी दवाएं उपयोग में लाई जा रही हैं। गंभीर मामलों में रक्त आधान और स्टेम सेल ट्रांसप्लांट प्रभावी विकल्प हैं। वहीं जीन थेरेपी और जीन एडिटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी तेजी से काम हो रहा है, जो भविष्य में स्थायी इलाज की दिशा दिखाती हैं।

राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक सिकल सेल एनीमिया को समाप्त करना है, जिसके लिए 0 से 40 वर्ष आयु वर्ग, विशेषकर आदिवासी समुदाय में व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है।

आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से अपील की है कि वे इस निःशुल्क शिविर का लाभ उठाएं और जरूरतमंद मरीजों तक इसकी जानकारी पहुंचाएं।

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Santosh Shriwas
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