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शनिचरी मंडी में आग का तांडव”… करंट की शिकायत के बाद भी सोता रहा सिस्टम, रात 2 बजे धू-धू कर जली 15 दुकानें! आलू-प्याज राख, व्यापारियों का फूटा गुस्सा… बिजली विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप…

बिलासपुर,,,, छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के प्रसिद्ध शनिचरी बाजार स्थित सब्जी मंडी में शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात एक भीषण आगजनी की घटना सामने आई है। इस हादसे में लगभग 14 से 15 दुकानें आग की चपेट में आ गईं, जिससे लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। बताया जा रहा है कि जलने वाली अधिकांश दुकानें आलू और प्याज की थीं। घटना के बाद से स्थानीय दुकानदारों में भारी आक्रोश है और उन्होंने विद्युत विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।


शटर में दौड़ रहा था करंट…… कर्मचारियों ने की अनदेखी...


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात लगभग 8:30 से 9:00 बजे के बीच जब दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर रहे थे, तब दुकानों के लोहे के शटर में करंट दौड़ रहा था। इसकी तत्काल शिकायत पास के ही विद्युत विभाग कार्यालय में की गई। शिकायत मिलने पर बिजली कर्मचारी मौके पर पहुंचे भी, लेकिन उन्होंने समस्या का स्थाई समाधान करने के बजाय बाजार की बिजली आपूर्ति बंद कर दी और ‘अगले दिन काम करेंगे’ कहकर चले गए।


रात 2 बजे धू-धू कर जल उठीं दुकानें...


विद्युत कर्मचारियों के जाने के बाद, रात लगभग 2:00 बजे अचानक उन्हीं दुकानों में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक दर्जन से अधिक दुकानें धू-धू कर जलने लगीं। पीड़ितों का साफ तौर पर कहना है कि अगर विद्युत विभाग ने रात में ही मुस्तैदी दिखाते हुए फॉल्ट को ठीक कर दिया होता, तो आज उन्हें लाखों रुपये का यह नुकसान नहीं झेलना पड़ता।


दमकल और पुलिस की टीम ने काफी मशक्कत के बाद पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। समय रहते किए गए प्रयासों के कारण आग को आगे फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जांच का विषय……


बहरहाल, पीड़ितों और स्थानीय दुकानदारों के आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसके पीछे कोई और  कारण था। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुट गए हैं।

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Santosh Shriwas
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