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नागलोक- फर्जी मुआवजा कांड को लेकर मचा भगदरों, कोनी और कोटा से नए मामले आने की खबर, सरकंडा पुलिस ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर आधा दर्जन कर्मचारियों को किया तलब..

बिलासपुर,,,, न्यायधानी के नाग लोक फर्जी मुआवजा कांड को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ में हड़कंप मच गया है! कोटा और कोनी क्षेत्र से भी नए मामले आ रहे है!
जिम्मेदार अफसर मामले में कुछ कहने से बच रहे है! सरकंडा थाने से 6 कर्मचारियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है! वहीं कोनी थाने से 1 बेहद अलकरहा मामला सामने आया है! बताया जा रहा… कि यहां के भी एक मामले में बाला बाला 4 लाख का भुगतान हो गया…
इस फर्जीवाड़े के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में खादबररो मच गया है! सरकंडा थाने से तहसील कार्यालय के आधा दर्जन स्टाफ जिनमें से कुछ रिटायर्ड भी हो चुके है! उनको नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया है! इस आशय के नोटिस से तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया है! कि कही उन्हें पूछताछ के लिए तलब करने के बाद अंदर तो नहीं कर दिया जाएगा…. पूरा स्टाफ सक्ते में है!

आरोप, बड़े लोगों को बक्शा जा रहा है!….

इस नोटिस कांड के बाद तहसील के बाबू और स्टाफ एक दूसरे के खिलाफ पोल खोल जानकारी साझा कर रहे है! मजबूरी है परिवार की  इसलिए वे खुलकर सामने नही आ रहे पर मीडिया से जुड़े कलमकारों से अपनी पीड़ा साझा कर सब पोल पट्टी खोल रहे, आरोप लगा रहे है! कि इस मामले से जुड़े बड़े ख़रतरों के बजाए… छोटे कर्मचारियों का गला फसाया जा रहा है! उनका कहना है! कि वे तो बड़े अधिकारियों के आदेश पर ही नोट शीट तैयार कर उनके समक्ष पेश करते है! फिर इसमें उनका क्या दोष …

अब तक डॉक्टर, तहसील स्टाफ, वकील और नगर सैनिक समेत 13 अंदर…

SSP रजनेश सिंह की माने तो 17 मामलों में अब तक इस नाग लोक फर्जीवाड़ा मुआवजा कांड में डॉक्टर,वकील,मुंशी, नगर सैनिक, समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है! मामले की जांच जारी है!

चौकी के बदनाम पुलिसकर्मी भी नहीं आए रडार पर…

सिम्स पुलिस चौकी इस फर्जीवाड़े को लेकर लंबे समय से चर्चित है! इससे पहले एक पुलिस कर्मी द्वारा एक्सीडेंट के केस को सर्पदंश बनकर मुआवजा दिलाने का झांसा दे ऑनलाइन पेमेंट लेने और एक और पुलिस कर्मी द्वारा एक मृतक के परिजन को नगदी के लिए परेशान करने पर मृतक के परिजन द्वारा मर्चुरी में पुलिसकर्मी के सामने हाथ जोड़ कर अब मोर लंग कुछु नहीं हे साहब वाली तस्वीरें भी सामने आ चुकी है! बावजूद इसके उन पुलिस कर्मियों को बख्श कर उनकी जगह नगर सेनिको को आरोपी बनाने के आरोप लग रहे है!

ये भी चर्चा में….

खबर है! कि जिस बिलासपुर तहसील में पदस्थापना के लिए अफसर पौवा और डहुरा (एप्रोच और पैसा) देने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगाते थे… वे अब बिलासपुर तहसील को पनौती मान कर यहां से ट्रांसफर कराने जुगत लगा रहे है! खबर है! कि इस चर्चित कांड के सामने आने के बाद। अफसर ट्रांसफर के लिए राजधानी की दौड़ लगा रहे है!

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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